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कपाल मोचन जा रहे श्रद्धालु बीच रास्ते अटके

Sun, 13 Nov 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
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कपाल मोचन जा रहे श्रद्धालु बीच रास्ते अटके - फोटो : अमर उजाला
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 पिछले कई दिनों से चल रही नोट की चोट लोगों की श्रद्धा पर भी पड़ने लगी है। नोटों की किल्लत के चलते मन्नतें मांगने के लिए धार्मिक स्थलों पर भी लोग नहीं जा पा रहे हैं तो वहीं मंदिरों में भी पिछले तीन दिनों से चढ़ावा कम होने का आकलन किया जा रहा है। छोटे नोट न होने व बड़े नोटों को लेने से रोडवेज कर्मियों के इनकार के चलते पंजाब के ही सैकड़ों श्रद्धालु यमुनानगर के ऐतिहासिक कपाल मोचन मेले में जाने से भी वंचित रह गए हैं। वे बीच रास्तों में भी अटके हुए हैं। श्रद्धालुओं की चिंता भी बढ़ गई है कि वे आखिर अपने घर भी वापस कैसे जाएं। श्रद्धालुओं की इस चिंताजनक स्थिति का खुलासा कुरुक्षेत्र बस अड्डे तक पहुंचे पंजाब के खनौरी के बनारसी गांव निवासी महेंद्र व उसके साथ आई दो वृद्धा महिलाओं ने किया। घंटे भर तक बस अड्डे पर ही बैठे रहे महेंद्र व वृद्ध महिलाओं ने बताया कि वह कपाल मोचन मेले में हर वर्ष जाते हैं और उनकी इस मेले को लेकर अपार श्रद्धा है। वह यहां तक भी बस परिचालकों की मिन्नतें करते हुए पहुंचे हैं और उनके पास जो भी छोटे नोट थे वह खत्म हो चुके हैं। बड़े नोट लेने से बस परिचालक स्पष्ट इंकार कर रहे हैं। यहां तक कि वह अपने साथ लाए खाने को भी खा चुके और उन्हें अब कैसे खाना मिल पाएगा, यह भी उनके आगे बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
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धर्मनगरी के मंदिरों में चढ़ा हुआ कम
धर्मनगरी में स्थित विभिन्न मंदिरों में जहां लोगों की अगाध श्रद्धा है, वहीं नोटों की किल्लत यहां भी भारी पड़ने लगी है। मंदिरों से जुड़े कई लोगों की मानें तो मंदिरों में चढ़ावा की जाने वाली राशि में कमी आई है। बड़े नोट जहां बंद कर दिए गए हैं वहीं छोटे नोटों की भी लोगों के समक्ष भारी किल्लत बनी हुई है। इसके चलते मंदिरों में जहां अब 10-10 रुपये के भारी संख्या में नोट दिखाई देते थे वहां अब महज कुछ ही नोट दिखाई पड़ रहे हैं।
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