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अध्यात्म, संस्कृति, धर्म और उपदेशों से दुनिया को जीने की राह दिखा रही गीता

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आज गीता अध्यात्म, संस्कृति, धर्म व अपने उपदेशों से पूरी दुनिया को जीने की राह दिखा रही है। गीता हमें कर्म करने की प्रेरणा देती है और जीवन जीने की राह और संस्कार सिखाती है। ये विचार लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने शनिवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम हॉल में व्यक्त किए। वे केयू और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में ‘श्रीमद्भगवद गीता के परिप्रेक्ष्य में विश्व गुरु भारत’ विषय पर आयोजित छठी अंतरराष्ट्रीय विचार गोष्ठी के समापन अवसर पर शिरकत करने पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने पत्नी अमृता बिड़ला, सीएम मनोहर लाल, स्वामी ज्ञानानंद, अजरबैजान के राजदूत अशरफ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर प्रदेश में चिह्नित किए गए 30 नए तीर्थों से संबंधित रिपोर्ट भी दिखाई गई।
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि कुरुक्षेत्र की धरती पर श्री कृष्ण ने अर्जुन को ज्ञान दिया था। हर संशय, भ्रांति, भ्रम, चुनौती का रास्ता, द्वंद, मानसिक शांति, कठिनाई दूर करने का ग्रंथ गीता है। गीता में भक्ति, कर्मयोग, सांख्यिक योग 18 अध्यायों के 700 श्लोकों में मिलता है। हमारे जीवन में गीता का ज्ञान आज भी प्रासंगिक है। गीता के हर श्लोक व अध्याय में जीवन जीने की राह है। केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने 48 कोस के तीर्थो में केडीबी द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर 75 स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया।
अजरबैजान के राजदूत अशरफ ने कहा कि केयू व अजरबैजान के बीच शैक्षणिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समझौते किए जाएंगे। पूरा विश्व एक परिवार है और पूरे विश्व में कुरुक्षेत्र की सांस्कृतिक व आध्यात्मिक पहचान है। इस अवसर पर विस अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, सांसद अरविंद शर्मा, सांसद सुनीता दुग्गल, सांसद रतन लाल कटारिया, खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह, विधायक सुभाष सुधा, डीसी मुकुल कुमार, केयू कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, प्रो. मंजुला चौधरी, प्रो. तेजेंद्र शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
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गीता किसी विशेष वर्ग के लिए नहीं यह विश्वव्यापी सार: सीएम
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि श्रीमद्भगवद गीता दुनिया का सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ है। ये किसी विशेष वर्ग के लिए नहीं यह विश्वव्यापी सार है। समाज में जितने विवाद, बुराई, ईर्ष्या, द्वेष और विश्व की सब समस्या का समाधान गीता में है। सुखी जीवन जीने के लिए गीता को जीवन में अपनाना चाहिए। गीता सार्वभौमिक व सर्वकालिक है।
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गीता हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के साथ भी जुड़ी हुई है: स्वामी ज्ञानानंद
स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि कुरुक्षेत्र राजनीति, संकीर्ण सोच का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के सम्मान का विषय है। गीता हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के साथ भी जुड़ी हुई है। पूरा स्वतंत्रता संग्राम गीता के साथ जुड़ा हुआ है। स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल में रहकर गीता पढ़ी। वे कहते थे कि मृत्यु से पहले वे मुस्कुराकर जीना चाहते हैं न कि पल-पल मरना।
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गीता से मिला कर्म का संदेश: सांसद सैनी
सांसद नायब सैनी ने कहा कि गीता से कर्म का संदेश मिला, जिससे पूरे विश्व में ज्ञान का शंखनाद हो रहा है। गीता से पूरी दुनिया को मानवता का संदेश मिला है। हमें समाज के लिए अपना योगदान देना चाहिए यह गीता का संदेश है।
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गीता के ज्ञान से ही भारत अपना विश्व गुरु बनने का मार्ग प्रशस्त करेगा: प्रो. सचदेवा
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने तीन दिवसीय संगोष्ठी के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि गीता में निहित खोज और जिज्ञासा की भावना ही आधुनिक युग में वैज्ञानिक स्वभाव का आधार और नई शिक्षा नीति की नींव भी है। गीता के ज्ञान से ही भारत अपना विश्व गुरु बनने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
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