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वन विभाग के कर्मचारियों पर फायरिंग करने के दोषी एक पशु तस्कर को तीन साल की कैद, 10 हजार जुर्माना भी लगाया

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कुरुक्षेत्र। कोर्ट ने वन विभाग के कर्मचारियों पर अवैध हथियारों से फायरिंग करने के एक आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष की कैद और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न अदा करने पर दोषी को अतिरिक्त एक माह की सजा काटनी होगी, जबकि अन्य दो आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। यह फैसला न्यायाधीश मनीष दुआ की अदालत में लिया गया है।
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जिला उप न्यायवादी श्रीराम ने बताया कि 18 दिसंबर 2016 को झांसा पुलिस थाना के क्षेत्र में गांव उदारसी के निकट नहर के पुल पर पशु तस्करों ने वन विभाग के कर्मचारियों पर फायरिंग की थी। पुलिस को सौंपी शिकायत में वन विभाग ज्योतिसर में कार्यरत अधिकारी जगमाल ने बताया था कि वह अपने स्टाफ सहित नहर के किनारे लगे पेड़ों की सुरक्षा को लेकर रात्रि में नहर पुल के नजदीक नाकाबंदी कर खड़े हुए थे। इसी दौरान पिकअप वाहन नंबर यूपी 11टी 8389 पर सवार युवक ने उन पर फायर कर दिया। उस दौरान उन्होंने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उक्त हमलावरों को काबू करने का प्रयास भी किया था, लेकिन वे लोग नहर की पटरी पर गाड़ी को छोड़कर मौके से फरार हो गए थे। गाड़ी की तलाशी लेने पर पुलिस ने देखा कि उक्त गाड़ी में 4 गोवंशों को ठूंस-ठूंसकर भरा हुआ था। इस संदर्भ में पुलिस ने हत्या के प्रयास, कामकाज में बाधा व फायर करने सहित अन्य धाराओं के साथ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मामले की जांच कर रही अपराध शाखा-1 की टीम ने छापामारी करते हुए आरोपी असलम, भजनलाल, काला उर्फ कालू पुत्र पाशी निवासी गंगोह जिला सहारनपुर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जिसकी नियमित सुनवाई करते हुए न्यायाधीश मनीष दुआ ने अवैध हथियार रखने के आरोप में दोषी करार दिया। इस आरोपी के खिलाफ सहारनपुर में करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं। यह आरोपी सहारनपुर की जेल में बंद था, जिससे सहारनपुर पुलिस अदालत के आदेश पर कुरुक्षेत्र लेकर आई थी। न्यायाधीश ने मनीष दुआ ने दोषी करार देते हुए काला उर्फ कालू को शस्त्र अधिनियम की धारा के तहत 3 साल की कैद, दस हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में एक माह अलग से कैद काटनी होगी, जबकि आरोपी असलम व भजनलाल को अदालत ने बरी कर दिया है।
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