भाइयों की कलाइयों पर रक्षा सूत्र बांधने जाने के लिए हजारों महिलाएं निशुल्क यात्रा के लिए बस स्टैंड पर पहुंचीं। शनिवार दोपहर बारह बजे रोडवेज और सभी प्राइवेट बसों में निशुल्क बस यात्रा का समय शुरू हुआ। जो आज रविवार रात बारह बजे तक जारी रहेगी। इस दौरान महिला यात्रियों से किराया नहीं लिया जाएगा। पर्व को देखते हुए रोडवेज ने बसों के फेरे भी बढ़ाए हैं। बस अड्डे पर दोपहर बारह बजे तक भारी संख्या में महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां महिला सुरक्षा को लेकर इंतजाम कम दिखे।
शनिवार को दोपहर से जैसे ही निशुल्क यात्रा शुरू हुई तो बस स्टैंड पर एकदम से महिलाओं की भीड़ उमड़ने लगी। रक्षा बंधन पर्व रविवार को है, लेकिन बस स्टैंड पर एक दिन पहले काफी संख्या में महिलाओं ने बच्चों सहित आवागमन शुरू कर दिया। भीड़ ज्यादा होने के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई। रोडवेज बसों की उपलब्धता कम होने की वजह से बस स्टैंड पर भी यात्रियों की भीड़ लगी रही। काफी समय तक बसें न मिलने पर बहुत से यात्रियों ने सफर तय करने के लिए दूसरे वाहनों का सहारा लिया। कई निजी बस संचालकों ने महिलाओं से भी किराया वसूला। वहीं, दूसरी ओर भीड़-भाड़ ज्यादा होने की वजह से बस स्टैंड के बाहर जाम की स्थिति बनी रही। बस अड्डे पर महिलाओं की भीड़ के बावजूद सुरक्षा प्रबंध कम ही दिखे।
उधर, कैथल से हिसार की ओर जाने वाली बस में एक जेबकतरे ने परिचालक के थैले से 400 रुपये चुरा लिए। इस जेबकतरे को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान बस अड्डे पर जमकर हंगामा हुआ। इसी प्रकार एक व्यक्ति यहां नशे की हालत में लोगों पर छींटाकशी करते हुए नजर आया। उसे भी लोग पुलिस चौकी में ले गए। रक्षाबंधन के चलते करीब 200 बसों में शनिवार को 15000 से अधिक यात्रियों ने सफर किया। निशुल्क बस यात्रा के चलते कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ती हुई नजर आईं। बस अड्डे के अलावा शहर के प्रवेश मार्गों पर कई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। तितरम मोड़ और अर्जुन नगर में इन कर्मचारियों ने ड्यूटी दी। जहां उन्होंने बसों में महिलाओं को दी जा रही सुविधा पर नजर रखी।