फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: डिजिटल अरेस्ट के नए पैंतरे से लोगों काे शिकार बना रहे ठग

विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। साइबर ठगों ने बदलते वक्त के साथ अपने पैंतरे बदल लिए हैं। साइबर ठग डिजिटल अरेस्ट के जरिए लोगों को डरा-धमका कर उनके साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं।
विज्ञापन

इसके लिए साइबर ठग कॉल करके लोगों को बताते हैं कि उनके नाम पर शिकायत दर्ज की हुई है। झूठे मामले को लेकर पीड़ित को काफी डराया जाता है। इससे वह व्यक्ति घबरा जाता है और बाद में उनकी मदद करने का आश्वासन दिया जाता है। इसके लिए आरोपी उस व्यक्ति से अपनी बात मनवाते हैं। कुछ समय के बाद आरोपी मामला रफा-दफा करने के लिए एवज में रकम की मांग करते हैं।
पीड़ित को डराया-धमकाया जाता है कि वह शिकायत करना तो दूर किसी को यह बात बताने से परहेज करता है। आरोपी खुद को पुलिस, क्राइम ब्रांच, सीबीआई के अधिकारी और जज बताकर व्यक्ति को डराते हैं। उसके बाद व्यक्ति खुद को बचाने के लिए उनके बताए अकाउंट में रकम ट्रांसफर कर देता है। इसे डिजिटल अरेस्ट कहा जाता है।
विज्ञापन

उधर, पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने बताया कि अगर कोई पुलिस या सीबीआई अधिकारी बनकर डिजिटल तौर पर गिरफ्तार करने की धमकी देता है तो सबसे पहले अपने परिवार व दोस्तों को सूचित करना चाहिए। साथ ही तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर इसकी शिकायत कराएं। इस बात से नहीं डरना चाहिए कि पुलिस आपके खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी। साइबर जालसाजी से बचने का सबसे बेहतर तरीका जागरूक होना है। फिर भी अगर साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाए तो नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें