लीबिया में माफिया के चंगुल और जेल में फंसे हरियाणा और पंजाब के चार युवक 222 दिन बाद सकुशल अपने घर लौट आए। इनमें जींद का परवेश कुमार, कुरुक्षेत्र के धुराला का रोहित, कैथल के कांगथली के मनप्रीत उर्फ और मोहाली का सुखविंद्र सिंह शामिल हैं। बताया जा रहा है कि कैथल के कैलरम सहित अन्य कुछ युवा अभी लीबिया में फंसे हुए हैं।
विदित हो कि पिछले बीते माह लीबिया की जेल से 17 लोगों को सरकार ने मुक्त कराया था। इनकी वापसी के बाद अब चार और युवकों को मुक्त कराकर लाया गया है, हालांकि वतन वापसी के बाद भी युवक काफी तनाव में हैं। इन युवकों को वापस लाने के लिए भारत सरकार लगातार ट्यूनीशिया सरकार के साथ संपर्क में थी।
इससे पहले 21 अगस्त को हरियाणा-पंजाब के 17 युवक भी लीबिया से सकुशल लौटे थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को लौटे चारों युवकों को एजेंट ने बीती फरवरी में इटली में नौकरी दिलाने के बहाने लीबिया पहुंचा दिया था, जहां युवकों को बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया था। साथ ही मारपीट कर प्रताड़ित किया जाता था। उनके सकुशल लौटने पर परिजनों ने सरकार का आभार व्यक्त किया है।
पिछले महीने पहुंचे थे यह युवक
पिछले महीने लीबिया जेल से जिला कुरुक्षेत्र के चार युवक परमजीत सिंह निवासी रामगढ़ रोड, रोहित कुमार निवासी गुमथला गढू, अंकुर निवासी बड़ाम, राहुल शर्मा निवासी बाखली, जसबीर सिंह निवासी अमली जिला अंबाला, राहुल कुमार निवासी मधुबन जिला करनाल, डॉन्कर सुमित निवासी पानीपत और पंजाब के अनमोल सिंह, अजय, संदीप, अशाेक भारत पहुंचे। इसके अलावा चंदू सिंह, धर्मबीर सिंह, गुरदीप सिंह, रवि कुमार, सोमपाल, रघुवीर सिंह सकुशल लौटे थे।