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Kurukshetra News: दूध, दही, घी और पनीर के चार सैंपल फेल

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कुरुक्षेत्र। मिठाई के सैंपल भरते फूड इंस्पेक्टर अमित चौहान। स्वयं
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कुरुक्षेत्र। त्योहारी सीजन में मिठाई के साथ-साथ दूध, घी, पनीर और दही में मिलावट खोरी का धंधा खूब पनपा। इसका खुलासा 18 सैंपलों की जांच रिपोर्ट में हुआ जिनमें चार सैंपल सब-स्टैंडर्ड मिले।
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इनमें दूध, घी, पनीर व दही के सैंपल अपनी गुणवत्ता साबित नहीं कर पाए। ये सैंपल झांसा और पिहोवा क्षेत्र से लिए गए थे। पिहोवा क्षेत्र में पिछले साल भी दूध व पनीर के सैंपल फेल मिले थे। हर त्योहारी सीजन में पिहोवा से काफी संख्या में सैंपल फेल मिलते हैं।
18 लोगों पर चल रहा केस : मिलावट खोरी के मामलों में संलिप्त पाए गए करीब 19 लोगों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने केस किया है। सैंपल फेल आने पर जिला मुख्य दंड अधिकारी न्यायाधीश व अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालतों में केस डाल दिए जाते हैं। 10 केस जिला मुख्य दंड अधिकारी न्यायाधीश की अदालत में व नौ केस अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत में डाले गए हैं। ऐसे मामलों में अदालत की ओर से सजा सुनाई जाती है।
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तीन श्रेणी में विभाजित है जांच रिपोर्ट : सब-स्टैंडर्ड, मिक्स ब्रांडेड और अनसेफ, इन तीन श्रेणियों में सैंपल की जांच होती है। सैंपल के सब-स्टैंडर्ड मिलने पर संबंधित दुकान पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना, अनसेफ मिलने पर दुकानदार या विक्रेता को तीन साल की सजा।
इतना ही नहीं मिलावटी या खराब मिठाई खाने से यदि किसी व्यक्ति के शरीर का कोई हिस्सा खराब हो जाता है तो विक्रेता को उम्र कैद की सजा का प्रावधान है। मिलावटी मिठाई की रिपोर्ट के बाद उपभोक्ता या खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी सैंपल रिपोर्ट को कोर्ट में पेश करेगा।
मामला कोर्ट में जाने से पहले विभाग की ओर से विक्रेता को दूसरी लैब से उसी सैंपल की जांच करवाने के लिए एक महीने का समय दिया जाता है। दूसरी लैब की रिपोर्ट को ही फाइनल रिपोर्ट माना जाता है।
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