कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में तनेजा परिवार अपनी रामभक्ति और रामलीला से जुड़ाव के लिए प्रख्यात है। यह परिवार पिछले कई दशकों से प्रभु श्रीराम की लीला के मंचन में समर्पित भाव से योगदान दे रहा है। पिता स्व. सतनाम दास तनेजा ने रामलीला में पूरे 30 साल तक माता सीता की भूमिका निभाकर जो परंपरा शुरू की थी, उसे अब उनके चारों बेटे आगे बढ़ा रहे हैं। यही कारण है कि तनेजा परिवार को धर्मनगरी में विशेष पहचान मिली है।
परिवार के सदस्य भारत तनेजा पिछले 20 वर्षों से भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं। 50 वर्षीय भारत अपने सौम्य स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। परिवार के सदस्यों ने कहा कि रियल जीवन में भी भगवान श्रीराम को अपना मार्गदर्शक मानते हैं। तनेजा परिवार ने अपने जीवन को पूरी तरह प्रभु राम को समर्पित कर दिया है।
पिता से मिली प्रेरणा और भाइयों की आपसी एकता ने इस परिवार को धर्मनगरी की रामलीला का अहम हिस्सा बना दिया है।
छुट्टी लेकर 25 साल हिसार से आकर निभाया अभिनय
63 साल के मोहन तनेजा 45 साल से रामलीला में अभिनय कर रहे हैं। 25 साल तक मोहन ने रामलीला में हिसार से आकर राम का अभिनय किया। मोहन बताते हैं कि उनकी एक्साइज विभाग में ड्यूटी थी। विभाग से छुट्टी लेकर 176 किलोमीटर का सफर तय करके रामलीला में भगवान श्री राम का अभिनय करने के लिए आते थे। अब सेवानिवृत्ति के बाद भी रामलीला से जुड़े हैं।
परिवार की सबसे बड़ी ताकत आपसी मिलन
चारों भाइयों के बीच भरत मिलाप की भावना है। रोजाना तीन से चार घंटे का वार्तालाप आपसी एकजुटता का प्रमाण है, जो आजकल परिवारों में कम ही देखने को मिलता है। श्री रामलीला ड्रामेटिक क्लब के चेयरमैन महेश तनेजा ने बताया कि वह रामलीला में स्टेज संरक्षक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
मंच पर होती है भगवान श्रीराम की अनुभूति
50 वर्षीय भारत तनेजा 20 साल से रामलीला में राम का अभिनय कर रहे हैं। सौम्य स्वभाव के भारत बताते हैं कि वह खुद को सौभाग्य शाली मानते हैं कि वह भगवान राम का अभिनय कर रहे हैं। मंच पर अभिनय करते समय केवल और केवल भगवान राम की अनुभूति करते हैं। वास्तविक जीवन में भी भगवान राम को अपना पथ- प्रदर्शक मानते हैं। 43 वर्षीय सुरेश तनेजा बीस साल से रामलीला में परशुराम का अभिनय कर रहे हैं। सुरेश ने बताया कि उनकी कुरुक्षेत्र में केमिस्ट की दुकान है। रामलीला में ऐसे ही अभिनय करते रहेंगे।
कुरुक्षेत्र। जानकारी देते मोहन तनेजा। संवाद
कुरुक्षेत्र। जानकारी देते मोहन तनेजा। संवाद
कुरुक्षेत्र। जानकारी देते मोहन तनेजा। संवाद