कुरुक्षेत्र। भले ही पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाया जाता रहा है लेकिन इस बार यह पहला मौका होगा जब महोत्सव में आने वाले लाखों लोग विभिन्न देशों की शिल्पकला से रूबरू हो सकेंगे। इससे न केवल इन देशों के शिल्पकारों को यहां अपनी कला को प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा बल्कि महोत्सव का स्वरूप भी अंतरराष्ट्रीय दिखाई देने लगेगा। विदेशी शिल्पकला को प्रदर्शित करने के लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड भरसक प्रयास में जुटा है तो वहीं उज्बेकिस्तान सहित पांच अन्य देशों को इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है। तंजानियां पहले ही महोत्सव में सहभागी देश बनने को लेकर सहमति जता चुका है।
महोत्सव को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं कि प्रशासन ही नहीं प्रदेश सरकार की ओर से यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन किए जाने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन वास्तविकता में यह हो नहीं सका है। सहयोगी देश के अलावा अन्य किसी देश की भागीदारी नहीं हो पाती। ऐसे में इस बार कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने यह बड़ी पहल की है। जो सिरे चढ़ी तो इन पांच देशों से करीब पांच से 10 अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिल्पकार यहां पहुंचेंगे, जिनके रहने व खाने को लेकर भी खास प्रबंध किया जाएगा। इन देशों की शिल्पकला को देख भारत के विभिन्न राज्यों से आने वाले शिल्पकार भी प्रोत्साहित होंगे।
हर वर्ष बढ़ेगी भागीदारी, गीता का फैलेगा संदेश
केडीबी की ओर से माना जा रहा है कि इस बार सहभागी देश तंजानियां के अलावा पांच अन्य देशों को शामिल कर आयोजन व गीता को लेकर बड़ा संदेश दिया जा सकता है। भविष्य में अन्य देश भी इस महोत्सव से जुड़ने को आसानी से तैयार होंगे। विदेशी शिल्पकार पहुंचने लगेंगे तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गीता का संदेश और व्यापक फैल सकेगा। इससे हमारे देश व प्रदेश की पहचान भी दुनिया में नए रूप से होगी तो वहीं यहां पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सीईओ पंकज सेतिया का कहना है कि मेले में विभिन्न देशों के शिल्पकारों को शामिल किए जाने के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं।
देश के हर राज्य से पहुंचेंगे शिल्पकार
महोत्सव के दौरान लगाए जाने वाले शिल्प व सरस मेले में इस बार करीब 500 से ज्यादा शिल्पकार पहुंचेंगे। विशेष योजना बनाई गई है जिसके तहत देश के हर राज्य से शिल्पकार यहां लाए जाएं। इसके लिए संबंधित संस्थाओं को जिम्मा सौंपा गया है। पिछले वर्षों में जिन राज्यों से शिल्पकार नहीं पहुंचे इस बार उन पर खास फोकस किया जा रहा है।