संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी की अधिकतर सड़कों की हालत खस्ता है, जहां से वाहन चालकों की राह आसान नहीं है लेकिन इससे भी मुश्किल है पैदल चलने वाले राहगीरों की राह। उनके लिए पग-पग पर खतरा है। यहां तक कि जान जोखिम में डालकर वाहनों के बीच से ही गुजरना पड़ रहा है। कहीं से फुटपाथ ही गायब है तो कहीं अतिक्रमण का शिकार हो गया। हालात ऐसे हैं कि मानों फुटपाथ पर चलने का पैदल राहगीर का अधिकार ही छीन चुका है।
ये हालात तब है जब शहर को विश्व स्तरीय बनाए जाने के हर ओर से दावे किए जा रहे हैं तो करोड़ों रुपये खर्च भी किए जा रहे हैं। यहीं नहीं सुप्रीम कोर्ट तक पैदल राहगीरों के लिए सुरक्षित पथ होने को लेकर टिप्पणी कर चुका है। अनदेखी व लापरवाही इस कदर है कि वीआईपी क्षेत्रों में भी यही हालात है। सड़कों के खस्ताहाल होने से लोगों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।
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मुख्यमंत्री आवास जाने वाली सड़कों के साथ भी फुटपाथ नहीं
मुख्यमंत्री का सेक्टर-3 में आवास है, लेकिन नेशनल हाईवे से लेकर शहर के अन्य ओर से जाने वाली सड़कों के साथ फुटपाथ ही गायब है। वीआईपी रोड कही जाने वाली केडीबी रोड, नेशनल हाईवे से शहर को जोड़ने वाली उमरी रोड, पिपली थर्ड गेट रोड पर भी फुटपाथ नहीं है। पिपली-थर्ड गेट रोड पर कुछ एरिया में फुटपाथ है तो उस पर अतिक्रमण की मार है। जिला सचिवालय के आसपास भी फुटपाथ को पैदल राहगीर तरस रहे हैं।
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सड़कें बनी लेकिन फुटपाथ नहीं
शहर की लाइफ लाइन पिपली-थर्ड गेट रोड से सर्कट हाउस चौक जाने वाली सड़क का निर्माण करीब चार माह पहले किया जा चुका है लेकिन फुटपाथ आज तक नहीं बन पाए हैं। अधिकतर जगह फुटपाथ गायब ही दिखाई देने लगा है। बस अड्डे से होते हुए जिला सचिवालय व डीसी आवास जाने वाली सड़क का निर्माण भी करीब दो माह पहले पूरा हो चुका है लेकिन फुटपाथ निर्माण कार्य आज तक अधूरा है। इसी रोड से हर रोज सैंकड़ों पैदल राहगीर गुजरते हैं। यहीं नहीं शहर के रेलवे रोड पर भी आज तक फुटपाथ पैदल राहगीरों को नहीं मिल पाया है।
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कईं बार वाहन की चपेट में आने से बच चुका : मनदीप
मनदीप ने बताया कि वे जिला सचिवालय में ही कार्यरत है। हर रोज बस अड्डे से पैदल ही पहुंचते हैं। इस दौरान वाहनों के बीच से ही सड़क से जाना पड़ता है। कईं बार वाहन की चपेट में आने से बच चुका। अब सड़क बनी थी तो उम्मीद जगी थी कि फुटपाथ की सुविधा भी मिल पाएगी लेकिन इसका निर्माण कार्य कछुआ चाल से किया जा रहा है। महिलाओं , बच्चों व बुजुर्ग लोगों को ज्यादा खतरा रहता है।
समय-समय पर चलाया जाता है अभियान : ईओ
नप ईओ राजेश कुमार का कहना है कि सड़कों किनारे व फुटपाथों पर किए जाने वाले अतिक्रण को हटवाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। पिछले सप्ताह भी कार्रवाई की गई, जो आगे भी जारी रहेगी। कईं सड़कें शहरी विकास प्राधिकरण या फिर पीडब्ल्यूडी के अधीन भी है, जहां निर्माण संबंधित विभाग की ओर से ही किया जाना होता है।
कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री आवास के आसपास वीआईपी रोड पर फुटपाथ के हालात। संवाद - फोटो : samvad