कुरुक्षेत्र। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) अनिल कुमार की अदालत ने संपत्ति विवाद से जुड़े दो दीवानी अपील मामलों का निपटारा आपसी समझौते के आधार पर करते हुए निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया। अदालत ने संबंधित बिक्री विलेखों और इंतकालों को वैध घोषित करते हुए मूल वाद को समझौते के आधार पर खारिज कर दिया।
मामला वीना देवी उर्फ बीना देवी, नरेंद्र कौर और पवन कुमार के बीच संपत्ति के लेनदेन से जुड़ा था, इससे पहले सिविल जज (जूनियर डिवीजन) पिहोवा की अदालत ने 29 मई 2025 को दिए फैसले में 19 जनवरी 2022 और 15 मार्च 2022 के बिक्री विलेखों तथा संबंधित इंतकालों को अवैध और शून्य घोषित कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ पवन कुमार और नरेंद्र कौर ने अलग-अलग दीवानी अपीलें दायर की थीं। सुनवाई के दौरान सभी पक्षकार अपने-अपने अधिवक्ताओं सहित अदालत में उपस्थित हुए और बताया कि उन्होंने आपसी सहमति से विवाद सुलझा लिया है। अदालत के समक्ष लिखित समझौता पेश किया गया, जिसमें वीना देवी ने यह स्वीकार किया कि उन्हें संपत्ति का पूरा बिक्री मूल्य प्राप्त हो चुका है। समझौते के अनुसार 19 जनवरी 2022 व दो मई 2022 के दाेनों बिक्री विलेख और उसके आधार पर दर्ज इंतकाल नरेंद्र कौर व पवन कुमार के पक्ष में थे, जो अब वैध माने जाएंगे। अदालत ने पाया कि समझौता स्वेच्छा से, बिना किसी दबाव या प्रलोभन के किया गया है और यह कानून या सार्वजनिक नीति के विरुद्ध नहीं है, इसके बाद अदालत ने दोनों अपीलों को स्वीकार करते हुए निचली अदालत का फैसला रद्द कर दिया।