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Kurukshetra News: बाढ़ का कहर, 200 से ज्यादा सड़कों पर मुश्किल हुई डगर

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कुरुक्षेत्र। बारिश और बाढ़ ने जिला भर में जमकर तबाही मचाई। फसल, दुकान मकान से लेकर हर चीज को अपनी चपेट में ले लिया। बाढ़ की तबाही का मंजर हर क्षेत्र की विकास की धुरी माने जाने वाली व जीवन रेखाएं कही जाने वाली सड़कों पर भी दिखने लगा है। जिन सड़कों पर वाहन चालक पहले फर्राटा भरते थे आज उनमें बाढ़ और बारिश से जगह- जगह गड्ढे बने हुए हैं। जिसके कारण इनमें फर्राटा भरना तो दूर चलना भी मुश्किल हो गया है। बाढ़ से थानेसर, पिहोवा व शाहाबाद में 200 से ज्यादा सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं।
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इनमें कई जगहों पर गड्ढे खतरनाक बने हुए हैं। इनमें हादसे होने का भय बना हुुआ है। यहां तक कि बाढ़ से नेशनल और स्टेट हाईवे भी खस्ताहाल हो गए हैं। अब इन पर डगर आसान करने की बड़ी चुनौती प्रशासन व सरकार के समक्ष खड़ी हो गई है। सड़कों की इतनी दुर्दशा को देख अधिकारियों के भी पसीने छूट रहे हैं।

दर्जन भर सड़कों में बह रहा है पानी
जिले में अभी भी करीब दर्जन भर सड़कों से पानी बह रहा है। कई सड़कें पानी में डूबी हुई हैं। मौसम में राहत के साथ-साथ इनसे बाढ़ का पानी उतर रहा है तो इन पर तबाही के निशान भर उभर रहे हैं। तबाही ऐसी की कदम-कदम पर गड्ढे बने हुए हैं। विभाग की टीमें प्राथमिक तौर पर सड़कों की हालत का जायजा लेने फील्ड में उतरी तो इनको देखकर चौंक गई। शायद ही कोई सड़क ऐसी बची है, जहां पानी नहीं पहुंचा और वह खस्ताहाल न हुई हो।
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पीडब्ल्यूडी की ही 100 सड़कें चिन्हित
बता दें कि पीडल्ब्यूडी द्वारा थानेसर, पिहोवा व शाहाबाद में किए गए सर्वे में करीब 100 सड़कें खस्ताहाल में मिली हैं। माना जा रहा है कि इतनी ही सड़कें मार्केटिंग बोर्ड व ग्राम पंचायतों की है, जहां पानी की मार ने जमकर कहर ढाया है। पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों की मानें तो थानेसर व पिहोवा में ही 40 से ज्यादा सड़कें हैं जबकि शाहाबाद में करीब 50 सड़कें गड्ढों में तब्दील हुई हैं। जबकि सभी सड़कों से पानी हटेगा तो तस्वीर और भी गंभीर होने की आशंका है।

पानी की धार ने तो कहीं जिंदगी बचाने के प्रयास में तोड़ी सड़कें
पहले भारी बारिश और फिर बाढ़ के एक सप्ताह के दौरान हर किसी को जिंदगी बचाने की लगन रही। जहां से भी चाहा पानी का रुख मोड़ दिया। कई जगहों पर लोगों ने जिंदगी बचाने को लेकर सड़कों को तोड़ा तो वहीं पानी निकासी में अड़चन बनी कईं सड़कों को प्रशासन द्वारा भी तोड़ा गया। प्रशासन ने बड़े स्तर पर ऐसी सूची भी तैयार की है, जिसमें लोगों द्वारा तोड़ी गई सड़कों का ब्यौरा जुटाया गया है। उधर बाढ़ से बचने के प्रयास हुए तो सड़कें ही नहीं बाड़े, फैक्ट्री, जोहड़ जहां भी कोई दीवार बाधा बनी उसे तोड़ दिया गया। कई जगहों पर इस तरह की तोड़फोड़ के चलते लोग आमने-सामने भी आए।



इन सड़कों की हालत ज्यादा बिगड़ी
नेशनल हाईवे 152 डी, नेशनल हाइवे 44, कुरुक्षेत्र-पिहोवा राजकीय राजमार्ग, पिहोवा-पटियाला राजमार्ग, कुरुक्षेत्र इस्माईलाबाद-झांसा रोड, शाहबाद से लाडवा, साहा रोड, कुरुक्षेत्र से यमुनानगर राजमार्ग, बाबैन रोड सहित अनेकों कई संपर्क मार्गों की हालत ज्यादा बिगड़ी है। यहीं नहीं शहर की भी अधिकतर सड़कें पूरी तरह से खस्ताहाल हो चुकी हैं।

कोई ऐसी सड़क नहीं जहां पानी मार नहीं पड़ी : एक्सईएन
लोक निर्माण विभाग के एक्सिएन रितेश कुमार का कहना है कि ऐसी शायद ही कोई सड़क बची है जहां पानी की मार नहीं पड़ी है। प्रारंभिक तौर पर थानेसर व पिहोवा की ही 40 से ज्यादा सड़कें फिलहाल चिंहित की जा चुकी हैं। अभी पानी पूरी तरह से उतर जाएगा तो फिर सही आंकलन होगा। सड़कों को दुरूस्त किए जाने को लेकर तैयारी की जा रही है।

मोहनपुर ढकाला रोड का 150 फीट हिस्सा पानी में बहा
शाहाबाद। बाढ़ की मार से शाहाबाद मोहनपुर-ढकाला रोड का करीब 150 फीट का हिस्सा ही पानी के साथ बह गया। इस रास्ते से लगातार मारकंडा नदी का पानी बह रहा है। यह रास्ता कट जाने से शाहाबाद से अजराना की ओर जाने वाले करीब 18 गांव और अजराना से शाहाबाद की ओर आने वाले 30 गांवों का रास्ता बंद हुआ है।
इन गांवों के लोगों को शाहाबाद आने जाने के लिए अन्य गांवों के रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। कुछ गांवों के लोग मोहनपुर से होते हुए शाहाबाद पहुंचेगे और कुछ गांवों के लोगों को हरिपुर के रास्ते में शाहाबाद आना होगा। सबसे बड़ी समस्या मेडिकल एमरजेंसी की है कि आपात स्थिति में अतिरिक्त सफर तय करना रोगी के लिए जानलेवा हो सकता है। सरपंच प्रतिनिधि कुलविंद्र सिंह ढकाला, कर्णराज सिंह तूर, दीपक कक्कड़, अंग्रेज सिंह, बलदेव सिंह, प्रभजोत सिंह, मलकीत सिंह ने कहा कि प्रशासन को तत्काल प्रभाव से इस सड़क की सुध लेनी चाहिए। फिलहाल अस्थायी रास्ते की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि इस सडक से आवाजाही शुरू हो सके। विधायक रामकरण का कहना है कि सड़क कटाव पर अस्थायी रास्ते का प्रबंध जल्द कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रशासन को निर्देश दे दिये गये हैं।
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