कुरुक्षेत्र। खेत में धान का बीज डालते भाकियू के सदस्य।
कुरुक्षेत्र। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) बाढ़ प्रभावित किसानों की मदद के लिए आगे आई है। भाकियू की ओर से बाढ़ प्रभावित किसानों को निशुल्क धान की पनीरी मुहैया कराई जाएगी। भाकियू की ओर से 500 एकड़ के लिए धान की पीआर-126 किस्म की पनीरी को तैयार किया जा रहा है। भाकियू ने कुल पांच एकड़ में धान की पनीरी की बिजाई की है। यह बीज 15-18 दिन के भीतर पनीरी बनकर तैयार हो जाएगा। इसके अलावा भाकियू धान का बीज भी किसानों को निशुल्क ही उपलब्ध कराएगी।
जिले में साढ़े तीन लाख एकड़ से अधिक कृषि योग्य भूमि है। इसमें तीन लाख एकड़ से अधिक में किसान धान की विभिन्न किस्म लगाते हैं, जिसमें इस साल करीब दो लाख 90 हजार एकड़ में धान लगाया गया। अब बाढ़ आने के कारण क्षेत्र में 95 हजार एकड़ से अधिक में धान को 75 फीसदी और करीब 46 हजार एकड़ में 50 फीसदी नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके लिए अलावा हजारों एकड़ में 25 फीसदी नुकसान का अनुमान लगाया गया है। किसान बर्बाद हो चुकी फसल को बचाने में नाकाम रहा तो अब उनके सामने दोबारा फसल लगाने की चुनौती है।
इसी को देखते हुए भाकियू की पिहोवा टीम ने धान की पनीरी लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए टीम ने तीन जगहों पर अपने खेत में लगी फसल को ट्रैक्टर के साथ नष्ट कर दिया। भाकियू ने असमानपुर में तीन एकड़, ट्यूकर और अमृतसरी फार्म में एक-एक एकड़ में धान की पनीरी लगाई है। इस पनीरी को बाढ़ पीड़ित किसानों को निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। भाकियू ने किसानों को हर संभव मदद देने का आश्वासन भी दिया है।
पिहोवा क्षेत्र के किसानों को प्राथमिकता
भाकियू के प्रेस प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने बताया कि कुल पांच एकड़ में 500 एकड़ के लिए पीआर-126 किस्म का बीज बोया गया है। दो सप्ताह के बाद पनीरी तैयार हो जाएगी। इस पनीरी को बाढ़ पीड़ित किसानों को निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि पिहोवा क्षेत्र के किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। अगर कोई किसान खुद पनीरी तैयार करना चाह रहा है तो उसे बीज भी निशुल्क दिया जाएगा।