मुख्यमंत्री मनोहर लाल के विशेष मिशन के तहत अब प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का विस्तृत डाटा एकत्रित किया जाएगा और प्रत्येक घर को स्मार्ट हाउस आईडी भी दी जाएगी। इस स्मार्ट आईडी को टेबलेट के जरिए घर-घर जाकर जनरेट किया जाएगा। इतना ही नहीं इस ऐतिहासिक डाटे को एकत्रित करने का काम 15 जून से शुरू होगा और 15 अगस्त तक इस कार्य को मुक्कमल किया जाना है। यह जानकारी जिला उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने वे रविवार को एनआईसी कार्यालय में जन सेवा सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की एक बैठक को संबोधित हुए दी। इससे पहले प्रदेश के मुख्य सचिव डीएस ढेस्सी, प्रधान सचिव देवेन्द्र सिंह, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बिजेन्द्र कुमार ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों व संबंधित अधिकारियों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेशानुसार 15 जून से शुरू होने वाले जन सेवा सर्वेक्षण के तमाम पहलुओं, उद्देश्यों और डाटा एकत्रित करने की प्रक्रिया के साथ-साथ उपायुक्त की जिम्मेदारी के बारे में विस्तार से बताया और इस लक्ष्य को निर्धारित समयावधि के अंदर पूरा करने के आदेश भी दिए। कुरुक्षेत्र में 1850 ब्लॉक बनाए गए हैं और गांव में 1 लाख 30 हजार 824 घर है और शहरों में 1 लाख 88 हजार 143 घर हैं और इस जिले में करीब 9 लाख 65 हजार की जनसंख्या है। इस सामाजिक आर्थिक डाटा को एकत्रित करने के लिए रीयल टाइम बेस सर्वे किया जाएगा। इसके लिए सक्षम और ई-न्यूमिरेटर की टीमें घर-घर जाकर सबसे पहले टेबलेट के जरिए घरों की जीपीएस लोकेशन को फीड करके ऑनलाईन स्मार्ट हाउस आईडी तैयार करेंगे और प्रत्येक घर को बायोमैट्रिक्स से भी जोड़ने का काम किया जाएगा। सरकार इस डाटा के माध्यम से 87 विभागों की 150 सेवाओं के लाभ को सुनिश्चित किया जाएगा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 18 से 70 साल तक के व्यक्ति का महज 12 रुपए की राशि से बीमा भी किया जा सकेगा। इस सर्वे के जरिए बेरोजगारों को रोजगार के लिए सक्षम योजना के तहत काम किया जाएगा और प्रत्येक सक्षम 150 से 200 घरों को कवर करेगा।
लघु सचिवालय में बनाया जाएगा जिला कंट्रोल रूम
जन सेवा सर्वेक्षण को लेकर लघु सचिवालय में एक जिला कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। इस कंट्रोल रूम में 5-6 कर्मचारियों की नियुक्ति के साथ-साथ कम्पयूटर, टेलीफोन सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी।