शहर में फायर सेफ्टी नियमों का जमकर उल्लंघन हो रहा है। जांच में 80 में से 69 कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी का खुलासा हुआ है। यही नहीं, धर्मशालाएं, होटल और निजी स्कूल भी अग्नि सुरक्षा मापदंडों पर खरे नहीं उतरे हैं। इन संस्थानों को विभाग नोटिस जारी करेगी।
बीते एक माह के दौरान अग्नि शमन विभाग ने स्कूलों, अस्पतालों, होटलों, धर्मशालाओं व कोचिंग सेंटरों समेत तमाम सरकारी व गैर सरकारी भवनों का सर्वे किया। इसमें अधिकतर संस्थान फायर सेफ्टी नियमों को पालन करते नहीं मिले। ज्यादातर संस्थानों में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किए गए।
सर्वेक्षण अधिकारियों ने इस संदर्भ में रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया को सौंपी है। इसके अलावा कोचिंग सेंटर संचालकों को मापदंड पूरे करने के लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं। सर्वे के दौरान खामियां मिलने पर 69 कोचिंग सेंटर संचालकों को नोटिस थमाया जा चुके हैं। ज्यादातर कोचिंग सेंटरों व धर्मशालाओं में नियमों की अवहेलना पाई गई है। यहीं नहीं दो स्कूलों में भी ऐसी खामी पाई गई, जबकि अब तक किए सर्वेक्षण अनुसार अस्पतालों में प्रबंध पुख्ता मिले है। नोटिस देने के साथ-साथ उन्हें पूरी जानकारी भी दी जा रही है।
संस्थान में ये व्यवस्थाएं हैं जरूरी
सभी संस्थानों में विशेष तौर पर फायर एक्जिक्टीगीजर, फर्स्ट एड होस रील, 5 हजार लीटर क्षमता का ट्रेस टैंक, 450 एलपीएम क्षमता का ट्रेस पंप व एक्जिट स्टेयर का होना अनिवार्य है, ताकि आपातकालीन स्थिति के दौरान दुर्घटना होने से बचा जा सके।
नियम न मानने पर होगी कार्रवाई
सीटीएम अनिल यादव ने कहा कि शहर में कोचिंग सेंटर, धर्मशालाओं, स्कूलों, हॉटलों, अस्पतालों सहित अन्य भवनों का निरीक्षण किया जा रहा है। फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वालों को नोटिस थमाया गया है, अगर इसके बावजूद भी वे खामियों को पूरा नहीं करते तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब तक 69 कोचिंग सेंटर के संचालकों को नोटिस जारी किया गया है।