कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (केयू) के आरके सदन में इनसो (इंडियन नेशनल स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन) की ओर से 7 अप्रैल को आयोजित युवा छात्र संवाद कार्यक्रम के दौरान कुर्सियां तोड़ने का मामला सामने आया था। इसमें अब विवि ने थाना केयूके में नेता दिग्विजय चौटाला सहित 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई है। इस मामले में कार्यक्रम की अनुमति लेने वाले हिंदी के प्रोफेसर डॉ. अजायब सिंह को विवि ने पहले ही निलंबित किया हुआ है।
आरके सदन में हुए इस कार्यक्रम के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने इनसो पर हंगामा करने, कुर्सियां तोड़ने और छेड़खानी के गंभीर आरोप लगाते हुए केयू के वीसी कार्यालय के बाहर धरना देकर इनसो नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाने की मांग की थी। आखिर में उस रात कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा छात्राें के बीच पहुंचे और सख्त से सख्त कार्रवाई करने की बात कही थी।
यहां छात्र संवाद कार्यक्रम करने के बाद दिग्विजय चौटाला को जीजेयू हिसार में भी यह कार्यक्रम करना था लेकिन यहां हुए हंगामे के बाद उन्हें वहां अनुमति नहीं मिली। इनसो कार्यकर्ताओं ने वहां कुलपति कार्यालय में जबरदस्ती घुसने की कोशिश की तो वहां भी दिग्विजय चौटाला पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें छह से ज्यादा नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें अब जमानत मिल चुकी है।
अब इस मामले में केयू कुलपति की ओर से ई-मेल के माध्यम से थाना केयूके को शिकायत सौंपी गई थी। पुलिस ने इस मामले में दिग्विजय चौटाला, अनुमति लेने वाले प्रो. अजायब सिंह, इनसो के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विशाल मुकिमपुरा नवीन राजेश व एक महिला सहित 11 नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस को केयू की ओर से इस मामले में शिकायत मिली थी। इसमें जांच के बाद थाना केयूके में 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अब इस मामले के लिए इनसो नेता विशा मुकिमपुरा ने एबीवीपी व केयू प्रशासन पर हमला बोलते हुए कहा कि केयू प्रशासन एबीवीपी के झूठे आरोपों पर यह राजनीति कर रहा है। इन लोगों ने केयू को आरएसएस का अड्डा बनाया हुआ है।