कुरुक्षेत्र। प्रख्यात फिल्म अभिनेता एवं निदेशक सतीश कौशिक के निधन से धर्मनगरी में भी शोक की लहर दौड़ गई है। कलाकार ही नहीं आम लोगों के चेहरे पर भी उनके निधन से मायूसी छा गई। शहर के लोगों के साथ-साथ केयू में भी उनके निधन पर शोक जताया गया तो उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
बता दें कि 150 से भी ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के रहने वाले अभिनेता सतीश कौशिक का धर्मनगरी से नाता रहा है। वे यहां कई बार पहुंचे और लोगों से भी रूबरू हुए। हाल ही में वे 28 अक्तूबर को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रत्नावली महोत्सव में बतौर विशिष्ट अतिथि पहुंचे थे, जहां उनका हरियाणवी अंदाज में पगड़ी पहनाकर गर्मजोशी के साथ सम्मान किया गया था। वे यहां केयू के माहौल व रत्नावली महोत्सव को देखकर गदगद हो उठे थे। उन्होंने मंच से जब दिवाना मस्ताना का पप्पू पेजर वाला डॉयलॉग बोला तो पूरा हॉल गूंज उठा था। एक के बाद एक कई डॉयलॉग सुनाए तो वहीं छात्र-छात्राओं को जीवन में संघर्ष कर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी थी।
उन्होंने रत्नावली महोत्सव में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों की भी जमकर तारीफ की थी तो वहीं कहा था कि यही असली हीरो हैं, जो रि-टेक लिए बिना ही 15 से 20 मिनट तक लगातार प्रस्तुति देते हैं। वे इससे पहले भी चार बार कुरुक्षेत्र आ चुके हैं और छोरियां छोरों तक कम नहीं हरियाणवी फिल्म की शूटिंग भी उन्होंने ब्रह्मसरोवर के आसपास की थी।
दमदार अभिनेता व बेहतर इंसान थे सतीश कौशिक : प्रो सोमनाथ
केयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने मशहूर फिल्म अभिनेता व फिल्म निर्देशक सतीश कौशिक के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने अपने शोक संदेश में कहा कि वे हिंदी फिल्म जगत के स्तंभ थे। उनका निधन फिल्म जगत के लिए निजी एवं बड़ी क्षति है। इस दुख की घड़ी में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिवार अपनी संवेदनाएं शोक संतृप्त परिवार के प्रति प्रकट करता है। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि अपने दमदार अभिनय, निर्देशन व बेहतरीन इंसान के तौर पर हमेशा याद रहेंगे।
ये रही सतीश कौशिक की कई प्रमुख फिल्में
सतीश कौशिक ने मिस्टर इंडिया, राम लखन, जाने भी दो यारों, मासूम, वो सात दिन, सागर, मोहब्बत, प्रेम प्रतिज्ञा, डैडी, वर्दी, तकदीर का तमाशा, जमाई राजा, अंदाज, साजन चले ससुराल, दीवाना-मस्ताना, दिल के झरोखे से, मिस्टर एंड मिसेज खिलाड़ी, घूंघट, आंटी नं. वन, परदेसी बाबू, आ अब लौट चलें, हम आपके दिल में रहते हैं, राजा जी, बड़े दिल वाला, तहजीब, हद कर दी आपने, तेरा जादू चल गया, हम किसी से कम नहीं, गॉड तुसी ग्रेट हो, शादी से पहले, बधाई हो बधाई, रूप की रानी चोरों का राजा, जोशीले, आग से खेलेंगे, आवारगी आदि 100 से अधिक फिल्मों में अभिनेता, निर्माता एवं प्रॉड्यूसर के रूप में काम किया था।
सतीश कौशिक को दी श्रद्धांजलि
केयू के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग द्वारा वीरवार को फिल्म अभिनेता सतीश कौशिक के आकस्मिक निधन पर संवेदना प्रकट करते हुए सीनेट हॉल में एकत्रित होकर शोक प्रकट की। इस मौके पर युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग डॉ. महासिंह पूनिया, डॉ. कुलदीप सिंह, कुटा प्रधान डॉ. आनंद, प्रो. परमेश कुमार, डॉ. पवन कुमार, डॉ. सोमवीर जाखड़, डॉ. जितेंद्र खटकड़, डॉ. हरविंद्र राणा आदि ने सतीश कौशिक के निधन पर शोक प्रकट किया।