भ्रूण लिंग परीक्षण मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों ही आरोपी हरियाणा से ले जाकर सहारनपुर में भ्रूण जांच कराती थीं और बदले में मोटी रकम वसूलती थीं। इससे पहले शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से एक महिला को तैयार कर आरोपियों के पास भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए भेजा था, जिससे आरोपियों ने 32 हजार रुपये वसूले थे। मामले में पुलिस ने धरी गईं दोनों महिलाओं को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपियों की पहचान सुखविंद्र कौर वासी झांसा और बबीता वासी अजराना कलां हाल निवास झांसा के रूप में हुई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण गोयल ने बताया कि नौ मई को सीएचसी बाबैन के दंत चिकित्सक डॉ. ऋषि ने पुलिस को शिकायत दी थी। इसमें बताया गया था कि झांसा की रहने वाली सुखविंद्र कौर हरियाणा के साथ लगते राज्यों में भ्रूण लिंग परीक्षण कराने का धंधा करती है। सूचना पर विभाग ने एक टीम का गठन करके आरोपी महिला सुखविंद्र कौर से संपर्क किया। इस पर आरोपी ने 32 हजार रुपये में भ्रूण लिंग परीक्षण कराने का आश्वासन दिया था। बात तय होने पर टीम ने डिकोय (फर्जी ग्राहक) को सुखविंद्र कौर के पास भेज दिया था, जिसने जांच के लिए डिकोय को सुबह करीब साढ़े छह बजे झांसा बस अड्डे पर बुलाया। डिकाय ने तय समय पर मौके पर पहुंच आरोपी को 32 हजार रुपये दिए थे, जिसके बाद सुखविंद्र कौर एक अन्य महिला बबीता के साथ डिकोय को गाड़ी में कलानौर (सहारनपुर, यूपी) से आगे टोल प्लाजा लेकर पहुंची। यहां से आरोपी महिला ने एक व्यक्ति को फोन करके बुलाया और डिकाय को उसके साथ भेज दिया। इस व्यक्ति ने एक घर में डिकाय का पोर्टेबल मशीन से अल्ट्रासाउंड कराने के बाद वापस उसी स्थान पर छोड़ दिया था। यहां से तीनों कार में बैठकर कुरुक्षेत्र की तरफ चल दिए, जिन्हें टीम की सूचना पर पुलिस ने सलपानी चौक से काबू कर लिया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी सुखविंद्र कौर और बबीता को गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें दो दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।