कुरुक्षेत्र। छात्रवृत्ति स्टेटस की प्रति दिखाते हुए डिप्राइव्ड स्टुडेंट्स आर्गेनाइजेशन केयूके
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज की ओर से स्नातक द्वितीय वर्ष के करीब 290 विद्यार्थियों का दाखिला रद्द कर दिया गया है। इसको लेकर शुक्रवार को डिप्राइव्ड स्टुडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन केयूके के विद्यार्थियों ने संस्थान प्राचार्य रीटा दलाल को ज्ञापन सौंपा तथा संस्थान द्वारा की गई अनियमितता पर रोष भी जताया।
ज्ञापन में उल्लेख है कि द्वितीय वर्ष के स्नातक के करीब 290 विद्यार्थियों की फीस न भरी जाने के कारण दाखिले रद्द कर दिए गए हैं। इसमें अधिकतर विद्यार्थी एससी एवं डीएससी श्रेणी के हैं, जिनका दाखिला छात्रवृत्ति के आधार पर हुआ है लेकिन अभी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति न आने के कारण वे फीस भरने में समर्थ नहीं थे। ऐसे में दाखिला रद्द किए गए विद्यार्थियों की सूची में एससी और एसटी विद्यार्थियों का नाम हटाया जाए।
अध्यक्ष सन्नी नैणा ने बताया कि उच्चतर शिक्षा विभाग (डीएचई) के मुताबिक जब तक अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति नहीं आ जाती, तब तक किसी भी विद्यार्थी को फीस भरने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। ऐसे में संस्थान को छात्रवृत्ति के आधार पर हुए दाखिले के विद्यार्थियों के नाम को सूची से हटाना चाहिए। यदि सूची से नाम नहीं हटाया गया तो विद्यार्थी कड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। डिप्राइव्ड स्टुडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन केयूके के संस्थापक साहिल बडसीकरी ने कहा कि एससी एवं डीएससी श्रेणी के विद्यार्थियों का दाखिला छात्रवृत्ति के आधार पर होने के बावजूद निलंबित कर दिया गया है। हालांकि विद्यार्थियों की अभी छात्रवृत्ति भी नहीं आई है और ये अनियमितता है। ऐसे में प्राचार्य रीटा दलाल को ज्ञापन दिया गया है कि निलंबित विद्यार्थियों की सूची से एससी और एसटी विद्यार्थियों का नाम हटाया जाए, ताकि विद्यार्थी अपनी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। प्राचार्य रीटा गोयल ने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया गया कि इसे ठीक कर दिया जाएगा। इस मौके पर उपाध्यक्ष अमर लोहट, सूरज वाल्मीकि, मोहित, अमृत प्रोचा सहित अन्य विद्यार्थी मौजूद रहे।