संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। डिजिटल युग में साइबर अपराधी किसी भी व्यक्ति के डर और विश्वास का दुरुपयोग कर ठगी करने का प्रयास करते हैं। कोई व्यक्ति, चाहे वह खुद को किसी बड़ी एजेंसी का अधिकारी ही क्यों न बताए, उसकी बातों पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें। यदि किसी भी प्रकार की शंका हो, तो तत्काल पुलिस से संपर्क करें।
आपकी सजगता ही इन अपराधियों को विफल कर सकती है। ये कहना है पुलिस प्रवक्ता नरेश सागवाल का। वे फीनिक्स क्लब कुरुक्षेत्र द्वारा आयोजित साइबर जागरुकता शिविर को संबोधित कर रहे थे।
सेक्टर 13 में स्थित सीनियर सिटीजन फोरम के हाल में आयोजित शिविर में पहुंचने पर फीनिक्स क्लब के प्रधान डॉ. राजेश वधवा, प्रोजेक्ट निदेशक नरेश सिंगला, कीर्ति खोसला, ओपी गुलियानी, पवन मित्तल सहित अन्य सदस्यों ने स्वागत किया।
नरेश सागवाल ने बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं को साइबर अपराध के कारणों और उनसे बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डर और लालच में आकर हम साइबर अपराध का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में केवल जागरूकता ही साइबर अपराध से आपको बचाव सकती है।
उन्होंने सभी को अज्ञात कॉल्स से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाली कॉल, विशेषकर जब वह सरकारी एजेंसी का हवाला दे, तो सतर्कता बरतें और सोच-समझकर प्रतिक्रिया दें। उन्होंने कहा कि किसी भी अंजान व्यक्ति को व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें, साथ ही आधार संख्या, बैंक खाता विवरण, ओटीपी, पासवर्ड इत्यादि किसी के साथ साझा न करें।
उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की तुरंत सूचना अपने नजदीकी पुलिस थाने या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें। उन्होंने बताया कि सीबीआई, ईडी या कोई भी सरकारी जांच एजेंसी डिजिटल अरेस्ट जैसी प्रक्रिया का प्रयोग नहीं करती।