एक पिता द्वारा अपनी ही गरीब सात वर्षीय बच्ची को भाखड़ा नहर में फेक जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने गोताखोरों की टीम बुलाकर बच्चों की तलाश शुरू करवा दी है। बताया जा रहा है कि खेड़ी मारकंडा निवासी अपनी करीम 7 वर्षीय बच्ची को पहले स्कूल से लेकर आया और उसके बाद उसे गांव मिर्जापुर के समीप भाखड़ा नहर पर ले गया जहां बच्ची को नहर में फेंक दिया। इस बारे में उसने परिवार के लोगों को भनक तक नहीं लगने दी। इसके पीछे पारिवारिक कलह मानी जा रही है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार जब बच्ची स्कूल से घर नहीं पहुंची तो उसकी मां ने पुलिस में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। अभी पुलिस व परिजन बच्चों की तलाश कर रहे थे कि इस मामले में अचानक नया मोड़ आ गया। बच्चों की मां ने पुलिस को बताया कि उसका पति के साथ घरेलू विवाद हुआ था जिसके बाद से ही बच्ची घर पर नहीं पहुंची है।
सत्य आधार पर पुलिस ने बच्ची के पिता को पूछताछ की तो उसने मन की बच्ची को नहर में फेंक दिया। सदर थाना एसएचओ बलजीत सिंह पुलिस टीम वह आरोपी पिता को नहर पर लेकर पहुंचे तो उसे पूरी जानकारी ली। इसके बाद गोताखोर एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया तो नहर में सर्च अभियान शुरू करवाया गया। शो का कहना है कि फिलहाल बच्चों की तलाश की जा रही है और पूरे मामले की घटा से जांच भी शुरू कर दी गई है।
आरोपी पिता का नाम ललित महतो है। जबकि नहर में फेंकी गई बच्ची का नाम आंचल है जो चार भाई बहनों में सबसे छोटी है, और पहली कक्षा में ही पढ़ती थी।