पिहोवा। मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में पेपरलेस रजिस्ट्री और निगरानी प्रणाली सेवा का सोमवार को शुभारंभ किया है। डिजिटल पहल का उद्देश्य जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री और राजस्व से जुड़ी सभी सेवाओं को पूरी तरह कागज रहित, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है, ताकि लोगों को अपने कार्यों के लिए राजस्व विभाग तथा तहसीलों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल सके।
एसडीएम अभिनव सिवाच ने यह जानकारी दी। वे सोमवार को उपमंडल अधिकारी नागरिक कार्यालय के मीटिंग हॉल में विभिन्न विभागों व कर्मचारियों के साथ पेपरलेस रजिस्ट्री और निगरानी प्रणाली तथा चैट बाॅट सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम को देख रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार जनता को लगातार विभिन्न योजनाएं और प्रणालियों से नवाज रहे हैं। जनता के हित में प्रतिदिन कोई न कोई योजना बनाकर उन्हें जनता के सुपुर्द किया जाता है। उन्होंने कहा कि सोमवार को 93 तहसीलों में इस योजना की औपचारिक शुरुआत की गई और पूरे राज्य में एक साथ यह योजना चालू होगी। पेपरलेस रजिस्ट्री से जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री के लिए बार-बार तहसील या उप-रजिस्ट्रार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस मौके पर तहसीलदार पूनम सोलंकी, बीडीपीओ भजन लाल शर्मा, बलबीर गुज्जर, सुखबीर सैनी मौजूद रहे।