कुरुक्षेत्र। भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसान संगठनों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने 21 जुलाई को दिल्ली स्थित किसान घाट पर देशभर के किसानों के साथ बड़ा विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इससे पहले 15 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में मोटरसाइकिल यात्राएं निकालकर आंदोलन का माहौल तैयार किया जाएगा।
जाट धर्मशाला में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी (भाकियू) की राज्य स्तरीय बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें आंदोलन की रणनीति तैयार की गई। बैठक में प्रदेशभर से पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। चढूनी ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अभी हस्ताक्षर नहीं हुए हैं लेकिन प्रक्रिया लगभग 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि समझौते का असर किसानों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों और देश की खाद्य सुरक्षा पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी किसान संगठनों को एक मंच पर आकर इसका विरोध करना होगा।
बैठक में तय किया गया कि 15 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तरीय मोटरसाइकिल यात्राएं निकाली जाएंगी। इसके बाद जिला उपायुक्तों के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपकर ट्रेड डील को रद्द करने की मांग की जाएगी। संगठन ने बताया कि 25 जून को चंडीगढ़ और एक जुलाई को हुई किसान संगठनों की बैठकों में देश बचाओ मोर्चा का गठन किया गया था। इसी मोर्चे के आह्वान पर 21 जुलाई को दिल्ली किसान घाट पर देशव्यापी प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।
किसान, मजदूर और युवाओं से जुड़ने की अपील
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि यह संघर्ष केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने सभी जिला और ब्लॉक इकाइयों को गांव-गांव संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए। चढूनी ने किसानों, मजदूरों, युवाओं और महिलाओं से 21 जुलाई के किसान घाट कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है। संगठन का कहना है कि दिल्ली में होने वाला प्रदर्शन ट्रेड डील के खिलाफ देशव्यापी विरोध का बड़ा संदेश देगा।