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Kurukshetra News: किसानों ने रोष मार्च निकाल नीतियों में सुधार की मांग की

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कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री व खाद्य मंत्री का पुतला फूंकते किसान नेता। संवाद
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पिहोवा। भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने संगठित होकर अपनी मांगों के लिए रोष जताया। किसानों ने रेस्ट हाउस से मेन चौक तक रोष मार्च निकालते हुए सरकार की नीतियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता जताई और मुख्यमंत्री व खाद्य मंत्री का पुतला फूंका। किसानों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सकारात्मक समाधान तक पहुंचाना और प्रशासन का ध्यान जमीनी सच्चाई की ओर आकर्षित करना है।
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किसान रेस्ट हाउस में बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए। किसान वक्ताओं ने कहा कि सरकार की अनदेखी और नीतिगत कमियों के कारण किसान लगातार आर्थिक दबाव झेल रहा है। ब्लॉक प्रधान बलविंदर कंबोज व युवा प्रधान मनीष मलिक ने कहा कि फिजी वायरस और बाढ़ से धान की फसल को भारी नुकसान हुआ लेकिन अपेक्षित मुआवजा नहीं मिल पाया। जिले में लगभग 81 हजार एकड़ धान खराब होने का आकलन किया गया था, जबकि मुआवजा केवल सात हजार एकड़ के लिए जारी किया गया। शेष नुकसान को पोर्टल से हटाए जाने पर किसानों ने गहरी नाराजगी जताई और पारदर्शिता की मांग की।
भाकियू प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने बताया कि प्रदेश में धान से जुड़े घोटालों के मामले सामने आने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। कुरुक्षेत्र जिले में फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान राइस मिलों में स्टॉक की कमी पाई गई, फिर भी किसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। किसानों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग रखी। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। अंत में किसानों ने एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई। किसानों ने भरोसा दिलाया कि यदि संवाद और समाधान की पहल होती है तो वे सहयोग के लिए सदैव तैयार हैं।
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