लाडवा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि बढ़ती आबादी के बीच जिस प्रकार शहरों में फ्लैट संस्कृति विकसित हो रही है, उसी तरह खेती में भी तकनीक का समावेश करना समय की जरूरत है। धरती पर जमीन का दायरा सीमित है, जबकि परिवारों का आकार बढ़ रहा है। ऐसे में किसानों को अपनी भूमि की उपयोगिता बढ़ाने और उसे बचाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना होगा।
रविवार को अनाज मंडी में आयोजित दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय कृषि विकास मेले के समापन समारोह में मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे मंत्री ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक तरीके से खेती करने और कम पानी वाली फसलों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने “उत्तम खेती मध्यम व्यापार” की कहावत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिस देश की खेती मजबूत होगी, वह देश उतनी ही तेजी से तरक्की करेगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे बदलते समय के अनुरूप नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाएं और लागत घटाएं।
मंत्री श्याम सिंह राणा ने मेला परिसर और प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया साथ ही ड्रा योजना के तहत ड्रम से पर्ची निकाली, जिसमें पानीपत के गांव मदी निवासी संदीप के नाम धान की सीधी बिजाई (डीआरएस) मशीन निकली। पहले दिन के ड्रा में निकले ट्रैक्टर, डीआरएस मशीन और रोटावेटर मशीन भी मंच से किसानों को सौंपे गए। कृषि मंत्री ने कहा कि सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जा रही है। इसके अलावा बागवानी की 21 फसलों पर भी एमएसपी निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों को मंडी में मिलने वाले कम भाव की भरपाई की जा रही है। फसल बिकते ही 48 घंटे के भीतर भुगतान किसानों के खातों में पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा एचएयू के कुलपति प्रो. बीआर कंबोज ने घोषणा की कि कृषि विकास मेले का आयोजन अब हर वर्ष किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय प्रभारी कैलाश सैनी, मार्केट कमेटी चेयरमैन डा. गणेश दत्त, कुलसचिव डा. पवन कुमार, अनुसंधान निदेशक डा. राजबीर गर्ग, कृषि उपनिदेशक डा. कर्मचंद, जिला बागवानी अधिकारी डा. शिवेंदू प्रताप सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। संवाद
कांग्रेस पर साधा निशाना
मंत्री ने पूर्व में रही कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले किसान की फसल का भुगतान उसके खाते में सीधे नहीं पहुंचता था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “जिसकी फसल, उसका पैसा” की नीति लागू की गई और सीधे किसानों के खातों में भुगतान सुनिश्चित किया गया। साथ ही ‘मेरा फसल-मेरा ब्योरा’ जैसी योजनाओं से पारदर्शिता बढ़ी है।
प्रगतिशील किसानों को किया गया सम्मानित
मंत्री श्याम सिंह राणा ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। इनमें पलवल, भिवानी, झज्जर, करनाल, रेवाड़ी, कैथल, पंचकूला, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, अंबाला, रोहतक, सिरसा, मेवात सहित अन्य जिलों के किसान शामिल रहे।
लाडवा। माइक्रोग्रीन्स की प्रदर्शनी का जायजा लेते कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा। विज्ञप्ति
लाडवा। माइक्रोग्रीन्स की प्रदर्शनी का जायजा लेते कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा। विज्ञप्ति