कुरुक्षेत्र। आखिरकार प्रदेश सरकार व किसानों के बीच बात बन ही गई, जिसके बाद मंगलवार देर शाम करीब नौ बजे आंदोलन खत्म होने के बाद दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर लगाया जाम खोल दिया गया। सरकार व किसानों के बीच समझौता होने की बात कड़ी मशक्कत के बाद ही सिरे चढ़ पाई। आंदोलन के दूसरे दिन सरकार ने किसानों की मांगें चौथे दौर की वार्ता में मानी। इससे पहले तीन दौर की वार्ताएं विफल रही। अब किसानों में अपनी जीत की खुशी है, जिसके लिए मांगें पूरी होने की घोषणा होते ही जमकर आतिशबाजी भी की गई।
बता दें कि किसान पिछले माह से ही सूरजमुखी खरीद को लेकर सड़कों पर है। पहले खरीद जल्द शुरू करने को लेकर तो फिर एमएसपी पर खरीद करने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया, जिसके चलते ही छह जून को शाहाबाद में नेशनल हाईवे सात घंटे तक जाम किया था। पुलिस हाईवे जाम कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज किया था तो वहीं भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी व आठ अन्य नेताओं को गिरफ्तार भी कर लिया था। फिलहाल ये सभी जेल में हैं तो वहीं उनकी रिहाई व सूरजमुखी की खरीद को लेकर किसानों ने सोमवार को पिपली अनाजमंडी में महारैली की। इस दौरान प्रशासन के साथ स्थानीय कमेटी की दो दौर की वार्ता विफल रही तो किसानों ने उसी समय रैली छोड़ दोपहर दो बजे दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे जाम कर दिया, जहां किसान दूसरे दिन मंगलवार को भी जमे रहे।
मंगलवार सुबह फिर वार्ताओं का दौर शुरू हुआ और प्रशासन के साथ स्थानीय कमेटी की चार घंटे तक पिपली पैराकीट में चली वार्ता भी विफल रही। जिसके बाद किसानों ने आंदोलन को व्यापक रूप देने का एलान किया तो यहां दिल्ली की तर्ज पर पक्का मोर्चा लगाने व बुधवार सुबह से ही विभिन्न प्रदेशों से किसानों के जत्थे बुलाकर आंदोलन और मजबूत करने का एलान कर दिया। यही नहीं आंदोलन भाकियू व संयुक्त किसान मोर्चा की 11 सदस्यीय कमेटी की अगुवाई में चलाने का भी एलान किया, जिसके बाद प्रशासन ने फिर वार्ता का न्योता भेजा। संयुक्त कमेटी की करीब एक घंटे तक चली वार्ता में बात सिरे चढ़ी तो सरकार व कमेटी के बीच हुए समझौते का एलान धरनास्थल पर ही किया गया।
संयुक्त कमेटी के ये किसान नेता बने सूत्रधार
करीब एक घंटा तक देवीलाल पार्क में भाकियू चढूनी गुट व संयुक्त किसान मोर्चा के बीच बैठक हुई, जिसमें तय किया गया कि अब यह लड़ाई संयुक्त रूप से लड़ी जाएगी। इसमें 11 सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई, जिसमें एसकेएम की ओर से प्रदेशाध्यक्ष रत्नमान, सुरेश कौथ, पंजाब के नेता फूल सिंह, जगदीप सिंह औलख व एक अन्य को शामिल किया गया। वहीं भाकियू की स्थानीय कमेटी में भाकियू प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना, गुरनाम सिंह चढूनी के बेटे अर्शदीप, मलकियत सिंह अंबाला प्रधान, कृष्ण कलालमाजरा कुरुक्षेत्र प्रधान व हरिकेश शाहाबाद शामिल रहे। भाकियू की ओर से बाद में एसकेएम के साथ आंदोलन संयुक्त तौर पर चलाने व प्रशासन के साथ बैठक तय करने के लिए संजू गुंदियाना, यमुनानगर को जिम्मा दिया गया।
ये नेता हैं जेल में बंद, आज होंगे रिहा
भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी वासी चढूनी जाटान, प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस वासी माजरी मोहल्ला शाहाबाद, जसबीर सिंह मामूमाजरा, प्रिंस वड़ैच लोहार माजरा, जरनैल सिंह वासी रायमाजरा, जयराम वासी हमीदपुर, गुलाब सिंह वासी साहा जिला अंबाला, पंकज वासी हबाना व सुरजीत सिंह वासी कसेरला खुर्द जिला अंबाला। इन सभी नेताओं को आज बुधवार को रिहा किए जाने पर सरकार के साथ समझौता हुआ है।