विभिन्न बैंकों द्वारा डिफाल्टर किसानों की फोटो सार्वजनिक करने को लेकर किसानों में रोष गहराता जा रहा है। जिसके चलते अब किसान सभी जिलों में बैंकों के डिविजन कार्यालयों पर धरना देते हुए प्रदर्शन करेंगे और इसका कड़ा विरोध जताया जाएगा। यह निर्णय वीरवार को जाट धर्मशाला में किसानों की हुई बैठक में लिया गया।
भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में बैंकों की इस मनमानी के विरोध में आंदोलन चलाने की रणनीति तय की गई। जिसके अनुसार जल्द ही यह आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही बैठक में 9 अगस्त को किए जाने वाले किसान आंदोलन को लेकर भी रूपरेखा बनाई गई। बैठक को चढूनी के अलावा बाबू राम गुंदियान, कर्म सिंह मथाना, सुरेश कौथ, रूप सिंह अंबाला, कृष्ण कलाल माजरा, रोहताश बैनिवाल व नरेंद्र पंचकुला ने भी संबोधित किया।
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि वर्तमान केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह से किसान विरोधी साबित हुई है। यह सरकार किसानों को कुचलने का कार्य कर रही है। लंबे समय से की जा रही मांग के बावजूद स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करना तो दूर सरकार इस पर विचार भी नहीं करना चाहती। किसानों के हालात को लेकर सरकार को आरटीआई से मांगा गया जवाब भी नहीं दिया जा रहा है। किसान विरोध फैसले हर रोज लिए जा रहे है, जिसके चलते ही आज किसान व उसकी फसल की पूरी तरह से बेकद्री हो रही है। विभिन्न प्रदेशों में किसान आत्महत्याएं कर रहे है तो उनका कृषि से मोहभंग भी हो रहा है। बैठक में करनाल से अजय राणा, सोनीपत से सत्यवान नरवाल, बलकार सिंह, संजू गुंदियाना सहित सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।