विश्व प्रसिद्ध चैत्र चौदस मेले में देश-प्रदेश के कोने-कोने से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में 50 सीसीटीवी कैमरों की पल-पल की गतिविधि पर नजर रहेगी। मेले में व्यवस्था बनाए रखने के लिए वाहन केवल पार्किंग स्थल पर ही खड़े होंगे और सभी बस चालक बस स्टैंड के अंदर ही बसों को खड़ा करेंगे। यह जानकारी उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने दी।
वे बुधवार को देर सायं किसान विश्राम गृह में 26 से 28 मार्च तक सरस्वती तीर्थ पर लगने वाले चैत्र चौदस मेले की तैयारियों की समीक्षा को लेकर अधिकारियों व समाज सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान सभी अधिकारी अपने मोबाइल 24 घंटे ऑन रखेंगे। जो भी अधिकारी इन आदेशों की अवहेलना करेगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा मेले के दौरान सभी विभागों के कार्यालय भी खुले रहेंगे। कार्यालयों में कोई न कोई कर्मचारी 24 घंटे मौजूद रहेगा। जहां मेले को 8 सैक्टरों में विभाजित किया जाएगा। वहीं शहर के हर प्रवेश द्वार पर पुलिस की नाकाबंदी कर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। मेला प्रशासक एवं एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक ने कहा कि सभी अधिकारी अपने विभागीय स्तर की तैयारियां निर्धारित समय तक पूरा करेंगे। जरा भी लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
सरस्वती तीर्थ की 63 लाख से होगी लेवलिंग
राज्य सरकार ने सरस्वती तीर्थ के सरोवर की लैवलिंग करवाने के लिए 63 लाख का बजट पारित किया हैं। यह कार्य सिंचाई विभाग द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा सरकार ने तीर्थ पर महिला घाट बनाने के लिए भी 73 लाख का बजट पारित किया हैं। वहीं मेला प्रशासक नरेंद्र पाल मलिक ने कहा कि सरस्वती तीर्थ पर वीवीआईपी लोगों के लिए वीवीआईपी घाट बनाया जाएगा। मेला प्रशासक ने कहा कि मेला क्षेत्र मेें ड्यूटी कर रहे हर अधिकारी एवं कर्मचारी के पास अपना विभागीय पहचान पत्र होना जरूरी है।
700 पुलिस कर्मचारी रहेंगे तैनात
मेले में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने के लिए करीब 700 पुलिस जवान, होम गार्ड तैनात रहेंगे। इनमें 100 महिला पुलिस कर्मचारियों की भी नियुक्ति की जाएगी। मेला क्षेत्र के 8 सेक्टरों में ड्यूटी मजिस्ट्रेट व सेक्टर अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। विभिन्न दिशाओं में 5 पुलिस चेक पोस्ट भी लगाए जाएंगे।
बनेगा मनोरंजन स्थल
गुहला रोड पर हुड्डा की खाली जमीन पर मेला ग्राउंड बनाया गया है। इस ग्राउंड में ही सर्कस, झूला व अन्य स्टाल लगाने की व्यवस्था की गई है। ताकि लोग एक ही स्थान पर मनोरंजन के साधनों का फायदा उठा सके।