बाबैन। मांगों को लेकर रोष प्रदर्शन करते भाकियू नेता व किसान। स्वयं
बाबैन। भारतीय किसान यूनियन चढूनी की मासिक बैठक बाबैन अनाजमंडी स्थित किसान विश्राम गृह में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नवनियुक्त ब्लॉक प्रधान रमेश चंद मंगोली जाटान ने की। बैठक में किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। भाकियू के प्रदेश कोषाध्यक्ष सुखविंदर भूखड़ी ने कहा कि प्रदेश में इस समय डीएपी खाद और यूरिया की भारी किल्लत बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसानों की जरूरतों को पूरा करने के बजाय यूरिया खाद को भिवानी, यमुनानगर और गुरुग्राम के उद्योगों को दिया जा रहा है, जबकि किसान खाद के लिए परेशान हो रहे हैं।
उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि धान की रोपाई का कार्य शुरू हो चुका है, इसलिए किसानों की जरूरत के अनुसार डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में सूरजमुखी फसल के पंजीकरण न होने को लेकर भी चर्चा की गई। किसान नेताओं ने सरकार से मांग की कि सूरजमुखी फसल के पंजीकरण की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाए ताकि जो किसान किसी कारणवश पंजीकरण से वंचित रह गए थे, उनकी फसल भी सरकारी खरीद में शामिल हो सके, इसके साथ ही सरकार से सूरजमुखी की खरीद और उठान प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने की मांग भी की गई।
सुखविंदर भूखड़ी ने कहा कि जब केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा धान की रोपाई 15 जून से शुरू करवाई जाती है, तो धान की सरकारी खरीद भी 15 सितंबर से शुरू की जानी चाहिए ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी न उठानी पड़े। बैठक में मुख्य रूप से शीशपाल मंगोली, अजेब सिंह बड़तौली, जसबीर सिंह बुहावी, परवीन कुमार, आर्यन दुहन मंगोली, अनिल हमीदपुर, सुखविंदर भूखड़ी, गुरदयाल सिंह सूरजगढ़, सतबीर घिसरपड़ी, सोममाय घिसरपड़ी, विनोद कुमार बबलू झंडोला, कर्मचंद झंडोला सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।