शाहाबाद। क्षेत्र के गांव नलवी, राय माजरा और रायपुर के किसानों की फसल नष्ट हो गई लेकिन मुआवजा पांच माह बाद भी नहीं मिल पाया। ऐसे में किसानों में रोष गहराता जा रहा है। वीरवार को किसान पटवार भवन में पहुंचे, जहां उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक सप्ताह में मुआवजा नहीं मिला तो नलवी-ठोल रोड को जाम करेंगे।
किसानों का कहना है कि पिछले साल सितंबर महीने में आई बाढ़ ने धान की फसल को पूरी तरह तबाह कर दिया था। तब जिला स्तर पर लगभग 81 हजार एकड़ धान खराब होने का आकलन किया गया लेकिन मुआवजा केवल करीब सात हजार एकड़ के लिए ही जारी किया गया। बाकी नुकसान को पोर्टल से हटा दिया गया। किसानों का कहना है कि यह न केवल उनके साथ अन्याय है बल्कि पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल है। किसानों का आरोप है कि मुख्यमंत्री की ओर से दीपावली से पहले मुआवजा सीधे किसानों के खातों में डालने की घोषणा की गई थी लेकिन आज तक यह वादा केवल कागजों तक ही सीमित रह गया।
तारा सिंह, जसबीर सिंह, गुरबख्श आदि किसानों ने कहा कि अगली फसल की बुआई भी हो चुकी है, कर्ज बढ़ता जा रहा है और मुआवजा न मिलने से किसानों की आर्थिक हालत और बिगड़ गई है।