कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। सरकार के 22 सितंबर से खरीद शुरू होने के एलान के बावजूद धान खरीद व उठान सुचारू न होने पर वीरवार को किसानों का गुस्सा फूटा। भाकियू अध्यक्ष गुरनाम चढूनी के नेतृत्व में पहले मार्केट कमेटी कार्यालय पर धरना दिया और फिर दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे जाम कर दिया। इसमें सैकड़ों वाहन फंसे रहे और आनन-फानन में पुलिस ने पिपली व नेशनल हाईवे 152 डी से वाहनों को डायवर्ट किया। इसके बाद खाद्य आपूर्ति अधिकारियों व जिला उपायुक्त की ओर से खरीद, उठान व भुगतान सुचारू करवाने और उच्चाधिकारियों से भी चर्चा करवाने के भरोसे पर किसान शांत हुए। जाम खुला तो राहगीरों व पुलिस ने भी राहत की सांस ली।
गुरनाम सिंह चढूनी ने गत दिवस ही एलान किया था कि वीरवार दोपहर तक खरीद व उठान सुचारू नहीं किया गया तो वे नेशनल हाईवे जाम करने को मजबूर होंगे। सुबह करीब 11 बजे किसानों ने शाहाबाद मार्किट कमेटी कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया। उनकी मुख्य मांग थी कि सरकार तुरंत धान की खरीद शुरू करें। उन्होंने कहा कि 22 सितंबर से खरीद का औपचारिक एलान तो कर दिया गया था लेकिन अब तक धरातल पर एक दाना भी नहीं खरीदा गया। धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम डॉ. चिनार चहल और डीएसपी रामकुमार से दो दौर की बातचीत की गई, जो बेनतीजा रही। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर खरीद तुरंत शुरू नहीं हुई तो वे हाईवे जाम करेंगे। आखिरकार किसान शहर के बीचों-बीच से होते हुए दिल्ली-चंडीगढ नेशनल हाईवे पर पहुंच गए। पुलिस ने लाडवा रोड चौक और शिव द्वार के नीचे बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन किसानों ने उन्हें तोड़ दिया और पुलिस थाने के सामने हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब ढाई घंटे तक दोनों ओर कई वाहन फंसे रहे। हालांकि किसानों की ओर से एंबुलेंस और आर्मी के वाहनों को नहीं रोका गया।
अधिकारी देते रहे सफाई, चढूनी भड़के
धरना स्थल पर पहुंचे डीएफएससी ने बताया कि शाहाबाद मंडी में अब तक एक लाख क्विंटल धान पहुंचा है जिसमें से 70 हजार क्विंटल खरीदा गया है और उसका भुगतान 72 घंटे में कर दिया जाएगा। यह सुनकर चढूनी भड़क गए और कहा कि हर बार ऐसे हालात क्यों होते हैं कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए सड़क पर उतरना पड़ता है। सरकार व अधिकारी यह इंतजार क्यों करते हैं। तीन दिन से खरीद का दिखावा क्यों किया जा रहा है। यह किसानों के साथ धोखा है। किसान नेताओं ने आरोप लगाए कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और शेलर मालिक मिलकर किसानों को सड़कों पर बैठने को मजबूर कर रहे हैं। गुरनाम चढूनी ने चेताया कि सरकार स्थायी नीति नहीं बनाएगी तो किसान हर साल इसी तरह आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
एसडीएम ने किसानों की कराई डीसी से बात
हाईवे जाम कर रहे किसानों ने स्पष्ट कहा कि अब स्थायी समाधान चाहिए ताकि हर सीजन में उन्हें सड़कों पर न आना पड़े। इस पर एसडीएम डॉ. चिनार चहल ने किसानों की बात डीसी विश्राम कुमार मीणा से करवाई और उन्होंने आश्वासन दिया कि मांगें लिखित रूप से चंडीगढ़ भेजी जाएंगी और उच्च अधिकारियों के साथ उनकी बैठक भी करवाई जाएगी। इस भरोसे पर किसान शांत हुए और जाम खोला।
पिपली तक देखने को मिला शाहाबाद में जाम का असर, फंसे रहे वाहन
शाहाबाद में किसानों ने हाईवे जाम किया तो इसका असर पिपली तक देखने को मिला। पुलिस ने यहां से वाहनों को लाडवा रोड से साहा होते हुए डायवर्ट किए जिसके चलते यहां भी जाम के हालात बने रहे। इसमें बड़ी संख्या में वाहन फंसे रहे।
शाहाबाद। दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे को जाम कर रोष जाहिर करते किसान। संवाद