सूरजमुखी की सरकारी खरीद नीति से असंतुष्ट किसानों ने मंगलवार को को-ओप्रेटिव सोसायटी के कार्यालय के बाहर नारेबाजी की व जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार सूरजमुखी खरीद को लेकर दौहरा रवैया अपनाए हुए है। सीएम की 4 जून की रैली से पूर्व कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने किसानों के धरने पर आकर सूरजमुखी की खरीद शुरू करने का आश्वासन दिया था लेकिन रैली के बाद अधिकारियों ने किसान की मात्र 25 प्रतिशत फसल ही खरीदने की शर्त रख दी। जोकि किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने बताया कि अधिकारी एक एकड़ में औसत 8 क्विंटल उपज मान रहे हैं जिसमें से मात्र 2 क्विंटल प्रति एकड़ की ही खरीद सरकारी रेट पर करने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि किसान ऐसा तुगलकी फरमान मानने को तैयार नहीं है। जहां किसान अपनी 6 एकड़ फसल को औने-पौने दामों पर बेचेगा तो वह मात्र दो क्विंटल के लिए सरकारी कार्यालयों के धक्के नहीं खाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसान की शत-प्रतिशत सूरजमुखी सरकार ने नहीं खरीदी तो किसान 25 प्रतिशत फसल को नहीं बेचेगा चाहे इसके बाद फसल खराब हो या किसान को जलानी पड़े।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर तो किसान प्रकृति की मार झेल रहा है वहीं दूसरी ओर सरकार भी किसानों को मारने पर आमदा है। इस अवसर पर जिला प्रधान कृष्ण कु़मार कराल माजरा, मंडल प्रधान बलकार सिंह, गुरबख्श सिंह, बलदेव सिंह, हरबंस सिंह, सुबेग सिंह दामली, बलविंद्र सिंह दामली, सुखचैन सिंह पाडलू, तारा सिंह, लखविंद्र सिंह लक्खा सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
गिरफ्तारी देने पहुंचे थाने
इस बार किसानों ने सड़क जाम न करने का निर्णय लिया और दोपहर को प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तारी देने के लिए जीटी रोड स्थित थाना शाहाबाद में पहुंचे। मौके पर एसडीएम हवा सिंह, एसएचओ सुरेंद्र सिंह, डीएम हैफेड कुरुक्षेत्र देवेंद्र सिंह, डीएम हैफेड अंबाला विकास देसवाल, मार्किट कमेटी के सचिव चंद्र प्रकाश व को-ऑप्रेटिव सोसायटी के मैनेजर सूर्य पाल पहुुंचे और किसानों से बातचीत की। एसडीएम हवा सिंह ने किसानों को समझा बुझाकर गिरफ्तारी न देने के लिए मना लिया और सरकार से बातचीत के लिए किसानों से दो दिनों का समय मांगा। जिससे संतुष्ट होकर किसान वापिस चले गए।
11 जून को होगी महापंचायत
भाकियू प्रवक्ता राकेश बैंस ने बताया कि दो दिनों तक मंडी में कोई भी खरीद नहीं होगी और यदि दो दिनों के भीतर सूरजमुखी खरीद का कोई हल नहीं निकला तो 11 जून को नई अनाज मंडी शाहाबाद में महापंचायत होगी। जिसमें आगामी फैसला लिया जाएगा।