अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर गांव जैनपुर जाटान में चल रहे धरने के दूसरे दिन जिलेभर से जाट समुदाय के लोग धरने में शामिल होने पहुंचे। लाडवा-रायपुर रोडान मार्ग पर बरगद के पेड़ की छांव में चल रहे धेरने में शामिल जाट समुदाय के लोगों को सोमवार को भारतीय किसान यूनियन का भी साथ मिला। भाकियू के सदस्यों ने भी धरने में शामिल होकर जाट आरक्षण की मांग को अपना समर्थन दिया।
सोमवार को धरना शुरू होने से पहले ही एसडीएम थानेसर सतबीर कूंडु, डीएसपी गुरमेल सिंह, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अंग्रेज सिंह मोर धरनास्थल पर पहुंचे तथा जाट नेताओं से बातचीत करके धरने को समाप्त कर ज्ञापन देने के लिए मनाने की कोशिश की। इसके बाद जाट समुदाय धरना जारी रखने पर अड़ा रहा तो प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें दोपहर तक ही धरना देने के की अपील की, लेकिन जाटों ने उनकी इस बात को मानने से इंकार कर दिया। जाट नेताओं ने आश्वासन दिया की उनका धरना शांतिपूर्वक रहेगा और वह सुबह 10 बजे से सायं के 6 बजे तक ही धरना देंगे। उन्होंने रात को धरना देने से इंकार कर दिया ताकि कोई उपद्रव रात्रि का फायदा उठाकर उनको बदनाम न कर सके।
धरने में शामिल हुए जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष टेकचंद हथीरा व जिलाध्यक्ष लाभ सिंह ने कहा कि यदि सरकार जाटों को आरक्षण देना चाहती है तो सरकार उच्च न्यायालय में जाट आरक्षण की दमदार पैरवी करे ताकि आरक्षण बहाल हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार, प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जाट नेताओं व जाट अधिकारियों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है। धरने के दूसरे दिन महां सिंह जैनपुर, लाभ सिंह, अजीत सिंह, मेहर सिंह, बलदेव राठी, जस्सी बरोट, प्रदीप पंजेटा, सुमेर चंद, सुखविंद्र, जोगिंद्र, बलबीर बारना, विजय नंबरदार, अजमेर, साहब सिंह, राम कुमार, सौरभ, पवन, सुरेंद्र, जय प्रकाश, सूबे सिंह, रिंकू, बलिंद्र लाडवा, बलजीत, जगमाल, प्रदीप, मोहन, रणबीर, फतेह सिंह, मनोज कुमार तथा सतबीर सिंह सहित बड़ी संख्या में जाट समुदाय के लोग उपस्थित रहे।
प्रशासन की धरने पर पैनी निगाह
जिला प्रशासन जाट समुदाय के धरने पर पैनी निगाह जमाए हुए है। प्रशासन इस बार पूरी तरह चौकस है और सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं। धरने स्थल व आसपास पुलिस का खुफिया तंत्र सक्रिय है। वहीं धरना स्थल से कुछ ही दूर लाडवा थानाध्यक्ष कमलदीप राणा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात है। धरने के माहौल को भांपने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचकर जायजा ले रहे हैं।
इन मांगों को लेकर दिया जा रहा धरना
जाटों के खिलाफ दर्ज किए सभी मामले रद्द हो, जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों को आर्थिक मदद सहित सरकारी मदद की जाए तथा उनके परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। गिरफ्तार किए गए जाट नेताओं को बिना शर्त किए रिहा किया जाए। आरक्षण को ओर मजबूत करने के लिए संविधान की नौंवी अनुसूची में शामिल किया जाए। आरक्षण पर हाई कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक पर सरकार ठोस कदम उठाए।
सरकार कर रही जाटों को प्रताड़ित : हथीरा
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष टेकचंद हथीरा ने गांव जैनपुर में धरने में शामिल होने से पूर्व पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा सरकार प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जाट नेताओं व जाट अधिकारियों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है। रोहतक के जाट कॉलेज में लाठी चार्ज करके आंदोलन को हिंसक रूप दिलाने में अहम भूमिका अदा करने वाले गैर जाट अधिकारी मनोज वर्मा की पानीपत में नियुक्ति सरकार की नीयत की चुगली करती है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी, संघर्ष जारी रहेगा।