कुरुक्षेत्र धर्मनगरी में सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। स्थाई व अस्थाई कर्मचारी वीरवार दोपहर बाद ही हड़ताल पर उतर आए थे और आज सुबह छह बजे ही काम छोड़ नगर परिषद कार्यालय पहुंच गए, जहां उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों द्वारा सफाई न करने से जगह-जगह कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं तो वहीं विवाद के चलते घर-घर से कचरे का भी उठान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में हर रोज शहर से निकलने वाला 70 टन कचरा नगर परिषद के गले की फांस बन गया है।
नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर धरना शुरू किया
नगर परिषद के पास 307 अस्थाई तो 64 स्थाई सफाई कर्मचारी है। शहर के बाजार खुलने से पहले ही ये कर्मचारी सफाई कार्य शुरू कर देते हैं, लेकिन आज सुबह सफाई कार्य करने की बजाए कर्मचारी करीब छह बजे सीधे नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। इससे पहले वीरवार को भी कर्मचारियों ने दोपहर बाद हड़ताल करते हुए नप कार्यालय पर धरना दिया था जो करीब तीन घंटे तक जारी रखा।
सरकार के साथ हुए समझौते को लागू किया जाए
कर्मचारियों की मांग है कि एलटीसी जारी की जाए, पिछले वर्ष विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के साथ हुए समझौते को लागू किया जाए। ठेकेदारी प्रथा पर रोक लगे और अस्थाई कर्मियों को स्थाई किया जाए। नप सफाई कर्मचारी एसोसिएशन के प्रधान सुभाष गुंसर के नेतृत्व में हड़ताल पर उतरे कर्मियों ने ऐलान किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती, वे काम पर नहीं लौटेंगे।
नहीं उठा घर-घर से कचरा
उधर नगर परिषद की ओर से निजी एजेंसी को सौंपे गए टिप्परों के जरिए घर-घर से कचरे का उठान नहीं हो सका। एजेंसी को कचरा इक्कठा कर डंपिंग की जगह नहीं मिल रही है। जहां जगह दी गई है वहां एक संस्था के आश्रम के चलते उन्हें कचरा डालने से रोक दिया जाता है। अभी सभी टिप्पर वीरवार को घरों एकत्रित किए गए कचरे से भरे हुए हैं और उन्हें खाली करने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। ऐसे में हर रोज निकलने वाला करीब 70 टन कचरा नप प्रशासन के गले की फांस बना हुआ है। उधर नप कार्यकारी अधिकारी बलबीर रोहिला का कहना है कि समस्या का समाधान किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।