कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) को स्थापित हुए पूरे नौ वर्ष हो चुके हैं लेकिन अब भी संस्थान का अपना स्थायी कैंपस नहीं बन पाया है। सीएम सिटी होने के बावजूद संस्थान फिलहाल सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज के एक फ्लोर में अस्थायी रूप से संचालित हो रहा है।
2017 के जनवरी माह में शुरू हुए इस संस्थान में 300 से अधिक विद्यार्थी तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यहां ओ-लेवल, ट्रिपल-सी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े ऑनलाइन व ऑफलाइन कोर्स चलाए जा रहे हैं। तकनीकी शिक्षा व डिजिटल स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित यह संस्थान अब भी अपने स्थायी भवन का इंतजार कर रहा है। जिले सहित अन्य जिलों के युवा आधुनिक तकनीक की पढ़ाई यहीं से कर रहे हैं, परंतु स्थायी कैंपस न होने से विस्तार की संभावनाएं सीमित हैं।
अधिकारियों की ओर से संस्थान को स्थायी कैंपस उपलब्ध करवाने के लिए जिला प्रशासन से लेकर राज्य स्तर तक कई बार प्रस्ताव भेजे गए लेकिन जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया फाइलों में ही अटकी हुई है। संस्थान के अधिकारी उपायुक्त, मंत्री और सांसद के कार्यालयों के चक्कर लगाकर समाधान तलाश रहे हैं। मगर जमीन आवंटन पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है।
अपना कैंपस होगा तो बढ़ेंगे अवसर
एनआईईएलआईटी कुरुक्षेत्र के निदेशक संदीप अहलावत का कहना है कि स्थायी कैंपस बनते ही संस्थान में कई नए फॉर्मल कोर्स शुरू किए जा सकते हैं। साथ ही केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही अनेक तकनीकी परियोजनाओं का भी लाभ संस्थान को मिलेगा। उनका कहना है कि प्रोजेक्ट व लैब स्थापित करने के लिए पर्याप्त स्पेस आवश्यक है। पॉलिटेक्निक कॉलेज में सीमित जगह होने के कारण कई योजनाएं शुरू नहीं हो पा रहीं। 2017 से लगातार जमीन आवंटन के लिए पत्राचार किया जा रहा है, फाइल अभी प्रोसेस में है।
कैंपस के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध करवाने के लिए संबंधित पंचायत से कहा गया है। जैसे ही उपयुक्त भूमि प्राप्त होती है, उसे तुरंत एनआईईएलआईटी को उपलब्ध कराया जाएगा।
-विश्राम कुमार मीणा, जिला उपायुक्त कुरुक्षेत्र।