पंचायत चुनावों में लगाए गए विभिन्न विभागों के कर्मचारी ड्यूटी करने से कतरा रहे हैं। अधिकांश कर्मचारियों में चुनाव ड्यूटी कटवाने की होड़ लगी हुई है।
इससे अधिकारियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इससे बचने के लिए अधिकारियों को अब अपने कार्यालयों पर ड्यूटी न कटवाने के नोटिस चस्पा करने पड़ रहे हैं। पंचायती चुनाव में 10, 17 और 24 जनवरी को चुनाव की घोषणा की थी। इसके लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थीं।
इसकी जानकारी होते ही कर्मचारियों ने ड्यूटी कटवाने की कोशिश शुरू कर दी थीं। यह क्रम पहले चरण के बाद दूसरे चरण में भी जारी है। अधिकारियों के अनुसार अधिकतर कर्मचारी अति संवेदनशील बूथों पर ड्यूटी करने से कतरा रहे हैं। इसके लिए वह ड्यूटी कटवाने के लिए तरह-तरह से प्रयास कर रहे हैं।
बता दें कि दूसरे चरण में शाहबाद में 770 और ईस्माईलाबाद में 640 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। दोनों खंडों में 70 कर्मचारियों को रिजर्व रखा गया है।
कोई शादी का कार्ड ला रहा तो कोई प्रवेश पत्र
चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए कोई कर्मचारी शादी का कार्ड अधिकारियों को दिखा रहा है, तो कोई इसी दिन होने वाली परीक्षा का प्रवेश पत्र लेकर आ रहा है। बहुत से कर्मचारी बीमारी का हवाला भी दे रहा है। अनेक कर्मचारियों ने ड्यूटी कटवाने के लिए उचित कारण गिनाए हैं, तो कई ने बिना कारण ही ड्यूटी से किनारा करा है। बताया जा रहा है कि हर विभाग से 5-6 कर्मचारी ड्यूटी कटवाने के लिए अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं।
ड्यूटी कटवाने के लिए संपर्क न करें
कर्मचारियों के ड्यूटी कटवाने की गति को देखकर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी ने अपने कार्यालय के द्वार के साथ ही अन्य स्थानों पर ड्यूटी कटवाने के लिए संपर्क न करने का नोटिस चस्पा करा दिया है।
सही वजह पर ही कटेगी ड्यूटी : डीडीपीओ
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कपिल शर्मा ने बताया कि कई कर्मचारी शायद चुनाव ड्यूटी से दूरी बनाने का प्रयास कर रहे हैं। निर्देश के अनुसार सही वजह होने पर ही ड्यूटी काटी जाएगी।