केयू की परीक्षा शाखा और विवादों का आपस में गहरा नाता है। दूरदराज के विद्यार्थी आए दिन कॉलेजों से यूनिवर्सिटी में रिजल्ट को लेकर धक्के खाते नजर आते ही हैं, लेकिन इस बार यूनिवर्सिटी के भीतर स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज के विद्यार्थियों को ही धक्के खाने पड़ रहे हैं।
कारण बीकॉम फाइनल इयर में आए विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी द्वारा जारी की गई डीएमसी है। इस डीएमसी में विद्यार्थियों को इन्वायरनमेंट विषय को पास-फेल दर्शाए बिना ही डीएमसी जारी कर दी है।
चक्कर काटने पर पता चला कि यूनिवर्सिटी कॉलेज से परीक्षा शाखा तक अवॉर्ड नहीं पहुंचे हैं और कॉलेज प्रशासन से बात की तो पता चला कि अवॉर्ड एक बार नहीं बल्कि दो बार भेजे जा चुके हैं।
कमाल तो इस बात का है कि यूनिवर्सिटी कॉलेज और परीक्षा शाखा के बीच दूरी महज 500 से 600 मीटर है और ऐसे में अवॉर्ड कहां गायब हो गए, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
यूनिवर्सिटी कॉलेज के बीकॉम फाइनल इयर के विद्यार्थी मंगलवार को वीसी ऑफिस के समक्ष एकत्रित हुए और समस्या बारे केयू प्रशासन के खिलाफ रोष जाहिर किया। वीसी और रजिस्ट्रार की गैर मौजूदगी में विद्यार्थियों ने समस्या का ज्ञापन परीक्षा शाखा में जमा कराया।
विद्यार्थियों का नेतृत्व कर रही इनसो नेत्री मंजू जाखड़ ने बताया कि बीकॉम फाइनल के विद्यार्थियों के इन्वायरनमेंट सब्जेक्ट के नंबर डीएमसी में अंकित नहीं किए गए हैं, जबकि उन्होंने सेकेंड इयर में परीक्षा पास कर ली है और बिना इन्वायरनमेंट के नंबरों की डीएमसी भी उन्हें जारी कर दी गई है।
जब परीक्षा शाखा में पूछा गया तो बताया कि उनकी सेकेंड इयर की अवॉर्ड रिजल्ट ब्रांच नहीं आई है, लेकिन इस संबंध में कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यहां से तो एक बार क्या 2-2 बार अवॉर्ड भेजे जा चुके हैं, जिसका डायरी नंबर 9734 तिथि 19 जून 2015 और 10478 तिथि 1 अक्टूबर 2015 दर्ज किया गया है।
विद्यार्थियों तथा छात्र संगठनों ने मांग की है कि इन्वायरनमेंट विषय के नंबर जोड़कर बीकॉम विद्यार्थियों को डीएमसी जारी की जाए अन्यथा उन्हें न चाहते हुए भी आंदोलन की राह पकड़नी होगी। इस अवसर पर प्रीती, नीरजा, जतिन, सर्वजीत, योगेश, अंकिता, सुमित एवं वासुदेव सहित बीकॉम के अनेकों विद्यार्थी मौजूद रहे।
किसी बैठक के सिलसिले में चंडीगढ़ में था। छात्रों की इस समस्या के बारे में जानकारी नहीं है। जानकारी के बाद ही कुछ कहना संभव होगा।
डॉ. प्रवीण सैनी, रजिस्ट्रार,