कुरुक्षेत्र। भ्रष्टाचार को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई सूची के बाद से खफा पटवारियों का गुस्सा सोमवार को भी जारी रहा। पटवारी छोड़े गए 49 सर्कल वापस न लेने को लेकर अड़े रहे, जिससे जिले के 200 से ज्यादा गांव के लोग भटकते रहे। हजारों लोगों के सामान्य प्रमाण पत्र से लेकर सभी जमीनी व सरकारी योजनाओं से जुड़े अन्य दस्तावेज अटके हुए हैं। हजारों की संख्या में अटके प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेजों को पूरा कराने के लिए लोग अधिकारियों को चक्कर काटने को मजबूर है। उधर प्रशासन पटवारियों के इस निर्णय के समक्ष असहाय दिखाई पड़ रहा है।
प्रदेश सरकार ने प्रदेश भर के पटवारियों की सूची तैयार की थी, जिसमें जिला के भी 23 पटवारियों के नाम शामिल है। इन पटवारियों पर कार्य करवाने की एवज में रिश्वत लेने के सीधे आरोप लगाए हैं। इस पर भड़के पटवारी आंदोलन की राह पर है और पिछले कईं दिनों से पटवारी अपने अतिरिक्त सर्कल भी छोड़ चुके हैं। बता दें कि जिले में महज 56 पटवारी है जबकि 105 सर्कल है। हर पटवारी पर चार से पांच सर्कल अतिरिक्त तौर पर दिए हुए हैं और हर सर्कल में पांच से छह गांव शामिल है। ऐसे में छोड़े गए 49 सर्कल के अधीन 200 से ज्यादा गांव के हजारों लोगों के विभिन्न प्रकार के कार्य अटके हुए हैं। रिहायश प्रमाण पत्र से लेकर अन्य हर दस्तावेज पर पटवारी को तस्दीक करनी होती है लेकिन पटवारी सर्कल वापस लेने को तैयार नहीं है।