कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में मंगलवार देर शाम कर्मचारी संघ ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संस्थान प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और रिटायर्ड कर्मचारियों को कंसल्टेंट के रूप में नियुक्त करने पर कड़ा विरोध जताया।
कर्मचारी संघ का आरोप है कि संस्थान से 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए राजकुमार को कंसल्टेंट के पद पर नियुक्त किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी कार्यशैली को लेकर पहले भी कर्मचारी विरोध जताते रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें दोबारा संस्थान में जिम्मेदारी दी गई है। कर्मचारियों ने मांग की कि कंसल्टेंट के पदों पर सेवानिवृत्त अधिकारियों को रखने के बजाय वर्तमान कर्मचारियों से ही कार्य लिया जाए।
संघ ने यह भी कहा कि संस्थान में एक अन्य कंसल्टेंट रणजीत को भी नियुक्त किया गया है, जो कुछ वर्ष पहले संस्थान से सेवानिवृत्त हुए थे। कर्मचारियों ने दोनों कंसल्टेंट की नियुक्तियां समाप्त करने की मांग उठाई।
कर्मचारी संघ ने ज्ञापन में लंबे समय से लंबित एमएसीपी, अपग्रेडेशन और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की पदोन्नति का मुद्दा भी उठाया। कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2022-23 से कई पात्र कर्मचारियों के मामले लंबित पड़े हैं, जिससे उनमें असंतोष बढ़ रहा है।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने प्रशासन से लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान करने की मांग की।
कामकाज प्रभावित न हो इसलिए रखे गए हैं कंसल्टेंट : डॉ. दिलबाग
एनआईटी कुरुक्षेत्र के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. दिलबाग ने बताया कि संस्थान में वर्तमान में नियमित भर्तियां बंद हैं। ऐसे में संस्थान के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने और प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए दो कंसल्टेंट नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक नई भर्तियां शुरू नहीं हो जातीं, तब तक संस्थान को अपने दैनिक और प्रशासनिक कार्य संचालित करने हैं। इसी आवश्यकता को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है। डॉ. दिलबाग ने कहा कि जैसे ही नई भर्तियां पूरी हो जाएंगी और आवश्यक पद भर जाएंगे, उसके बाद कंसल्टेंट की आवश्यकता की समीक्षा की जाएगी। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय संस्थान के निदेशक स्तर पर लिया जाएगा। निदेशक जो भी निर्णय लेंगे, उसे सभी संबंधित पक्षों के समक्ष रखा जाएगा।