कुरुक्षेत्र। पुरानी पेंशन नीति बहाल करने की मांग के समर्थन में रविवार को जिले के सैकड़ों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। जमकर रोष जताया तो विशाल आक्रोश मार्च भी निकाला, जिसके बाद प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारी सुबह करीब नौ बजे ही पुराने बस अड्डे पर एकत्रित हुए, जहां पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति के जिला प्रधान नरेश फूले की अध्यक्षता में कर्मचारियों ने काले बिल्ले, पट्टियां पहनकर आक्रोश मार्च में हिस्सा लिया। जिसके बाद कर्मचारी रोष मार्च निकालते हुए जिला सचिवालय पहुंचे और यहां भी जमकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने एलान किया कि अगर प्रदेश में जल्द पुरानी पेंशन बहाल नहीं की गई तो संघर्ष समिति विरोध प्रदर्शनों के साथ-साथ आगामी चुनावों में गठबंधन सरकार को सत्ता से भी बाहर करने का काम करेगी।समिति के जिला प्रधान नरेश फूले ने कहा कि सरकार राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर पुरानी पेंशन नीति को बहाल करे।
कर्मचारी पहले भी कई बार सरकार को स्पष्ट कर चुके हैं कि कर्मचारी कोई बीच का रास्ता या एनपीएस में बदलाव नहीं पूर्ण रूप से पुरानी पेंशन नीति की बहाली चाहिए। जब तक प्रदेश में ओपीएस बहाल नहीं हो जाती तब तक पेंशन बहाली संघर्ष समिति का पेंशन आंदोलन जारी रहेगा। इसी कड़ी में एक जून से भीषण गर्मी के बीच संघर्ष समिति प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल और प्रदेश महासचिव ऋषि नैन के नेतृत्व में नागल चौधरी से ओपीएस संकल्प यात्रा निकलेगी।
22 जून को चंडीगढ़ में राज्यपाल को अपना ज्ञापन सौंपेगी। इसके बावजूद भी सरकार पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के लिए कोई सकारात्मक कदम नही उठती तो और बड़े आंदोलन को चलाया जाएगा। राज्य महासचिव ऋषि नैन ने कहा कि कर्मचारियों की यह मांग न माने जाने का परिणाम आगामी चुनाव में सरकार को भुगतना पड़ेगा। आज प्रदेश का सभी विभागों का कर्मचारी, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर संगठित है आगामी चुनावों में ओपीएस बहाली सबसे बड़ा मुद्दा होगा।
आक्रोश मार्च में कुलदीप शर्मा, रवि दत्त शर्मा, महेंद्र सिंह, अनिल सैनी, अमरजीत पांचाल, रामनाथ, अवतार सिंह, खंड प्रधान मुकेश वत्स, रामनारायण पांचाल, कविता, बिन्टू राम, प्रदीप राणा, सतीश, जितेंद्र, करनैल सिंह, धर्मवीर, अनिल चौधरी, बलराम शर्मा, राजेन्द्र टंडन, राजपाल कालरा, राजपाल, ओमप्रकाश सरोहा, राजेश लाला, कृषण, जस्सी मथाना, संदीप चौहान, देवदत, व जिले के विभिन्न संगठनों हसला, स्कूल कैडर लेक्चरर एसोसिएशन हरियाणा सलाह, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, लवा, राजकीय प्राथमिक संघ, हरियाणा प्राथमिक टीचर एसोसिएशन, शारीरिक शिक्षक संघ, डिप्लोमा इंजीनियरिंग एसोसिएशन, ह्जरस, बिजली बोर्ड, हरियाणा रोडवेज व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हजारों की संख्या में कर्मचारी और अधिकारी शामिल रहे।