कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में शिक्षकों और चिकित्सकों ने दुर्लभ औषधीय पौधों के संरक्षण के प्रति गंभीरता दिखाई है। कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने आयुर्वेद को स्वस्थ जीवन की भारतीय परंपरा बताया।
आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के 23 सहायक प्रोफेसरों ने विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न दुर्लभ औषधीय पौधे रोपे, इनमें करौंदा, महुआ, हरसिंगार और निर्गुंडी जैसे पौधे शामिल हैं। उन्होंने इन पौधों के संरक्षण का संकल्प भी लिया। कुलपति ने कहा कि औषधीय पौधों का रोपण पर्यावरण संरक्षण के साथ पारंपरिक चिकित्सा विरासत को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाएगा। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता और प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता भी उपस्थित रहे। संवाद