संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। निजी कंपनियों को समानांतर लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में मंगलवार को बिजली कर्मचारी और इंजीनियर सर्कल कार्यालय परिसर में लामबंद हो गए। इस दौरान साझा संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों व सदस्यों ने बिजली निगम के जिला मुख्यालय परिसर में नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
साथ ही गुस्साए कर्मियों ने सेक्टर-8 स्थित विद्युत सदन परिसर में पुतला फूंककर रोष जताया। सभी ने एकसुर में निजीकरण को बढ़ावा देने के फैसले पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने की मांग की। सर्कल सचिव कृष्ण चौहान ने कर्मचारियों की अगुवाई करते हुए कहा कि बिजली निगम में निजी कंपनियों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया से सार्वजनिक क्षेत्र की वितरण व्यवस्था प्रभावित होगी। साथ ही युवाओं के पक्के रोजगार के मौके भी सीमित हो जाएंगे।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया इसलिए अब आंदोलन होगा। साझा मोर्चे के निर्देश पर उन्होंने 22 से 24 अक्तूबर तक तीन दिवसीय हड़ताल का एलान किया। इस अवसर पर महासचिव राजेंद्र राणा, दिनेश कौशिक, विजय, विकास, बलजीत, मंदीप, कुलवंत, रविंद्र, नरेश, कीर्ति, अनिल, धर्मवीर, मनोज, प्रमोद, पुनीत, अंग्रेज आदि मौजूद रहे।
आज जलाएंगे आदेशों की प्रतियां : कृष्ण चौहान
सर्कल सचिव कृष्ण चौहान ने मोर्चा के निर्देश पर बुधवार को नूंह और गुरुग्राम में जारी किए निजीकरण लाइसेंस संबंधी आदेश की प्रतियों को जलाकर विरोध जताने की घोषणा की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि निजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना स्वीकार नहीं होगा।
कुरुक्षेत्र। सेक्टर-आठ स्थित सर्कल कार्यालय परिसर में नारेबाजी करते बिजली कर्मचारी एवं अधिकार