कुरुक्षेत्र। सप्ताहभर से मौसम परिवर्तनशील है। सुबह और शाम के समय सर्दी होने लगी है। उम्रदराज लोगों व बच्चों के लिए यह मौसम काफी नुकसानदायक है। जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों वायरल इंफेक्शन के 500 से 600 मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं रोजाना आठ से 10 लोगों को हार्ट अटैक आ रहा है। सप्ताहभर में ऐसे करीब 40 मरीज सामने आ चुके हैं। दुबले लोगों में 42 फीसदी और मोटे लोगों में 75 फीसदी दिल की बीमारी की संभावना रहती है।
अस्पतालों में पहुंचे मरीजों की एंजियोप्लास्टी की गई। चिकित्सकों का कहना है कि ठंड बढ़ने के कारण दिल के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए इस मौसम में विशेष तौर से सावधानी बरतनी चाहिए। पिपली रोड स्थित निजी हार्ट केयर अस्पताल में रोजाना पांच से छह मरीज हार्ट अटैक के पहुंच रहे हैं। सप्ताहभर में दिल के दौरे के करीब 10 मरीजों की एंजियोप्लास्टी की गई।
जबकि ओपीडी में 30 मरीजों की इको जांच व एंजियोग्राफी की गई। यही हाल शहर के अन्य अस्पतालों में भी हैं। एलएनजेपी में रोजाना अस्थमा संबंधी 20 से 30 मरीज आ रहे हैं।
ठंड से बचना जरूरी : डॉ गोयल : कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पवन गोयल का कहना है कि ठंड के कारण खांसी, सर्दी जुकाम, गले में संक्रमण, फ्लू के अलावा अस्थमा, हार्ट अटैक व लकवा का भी खतरा रहता है। देखा गया है कि सर्दियों में हार्ट अटैक व लकवे के मामले अधिक होते हैं। इन दिनों बुजुर्ग सुबह-शाम सैर करने से परहेज करें।
ज्यादा सर्दी पड़ने पर रात के समय बाथरूम के लिए न जाएं, अगर जाना पड़े तो दो से तीन मिनट चारपाई पर टांगे लटकाकर बैठें। खास तौर पर बच्चे, बुजुर्ग, मधुमेह, ब्लड प्रेशर व हृदय की बीमारियों से पीड़ित मरीजों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि तापमान कम हो जाने पर धमनियां सिकुड़ने लगती हैं। इस वजह से रक्त संचार प्रभावित होता है। इससे हार्ट अटैक व लकवे का खतरा रहता है। संवाद
कुरुक्षेत्र। जिला हस्पताल में मरीजों का उपचार करते डॉ. दिनेश। संवाद