कुरुक्षेत्र। नवभारत साक्षरता मिशन के तहत चल रहे उल्लास कार्यक्रम की समीक्षा व भावी योजना के लिए जिला स्तरीय बैठक गुरुवार को पंचायत भवन में संपन्न हुई। बैठक में जिला परिषद अध्यक्षा कंवलजीत कौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थी जबकि अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ने की।
जिला परिषद चेयरपर्सन कंवलजीत कौर ने कहा कि उल्लास कार्यक्रम केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जो विकसित भारत के अपने का आधार बनेगी। हम उम्मीद कर सकते हैं कि जल्द भारत दुनिया के उन चुनिंदा राष्ट्रों की सूची में शामिल होगा जिनमें साक्षरता दर सौ प्रतिशत है। कोई भी निरक्षर नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में उल्लास के लिए जन चेतना केंद्र स्थापित किए गए हैं और प्रभावी जन चेतना केंद्र ही संपूर्ण साक्षरता का आधार बनेंगे। सभी को इस पुनीत कार्य की सफलता के लिए जी जान से प्रयास करना होगा।
जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम, भारत सरकार की एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका मकसद, समाज के सभी लोगों को पढ़ने-लिखने का मौका देना है जिसकी शुरुआत साल 2022 में हुई थी। कार्यक्रम का संचालन सतबीर शर्मा ने किया। जिला उल्लास समन्यक संजय कौशिक ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर बीईओ थानेसर इंदू ,बीईओ बाबैन संतोष चौहान,जिला परिषद के अनुभाग अधिकारी सत्यभूषण सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।
11 हजार नवसाक्षर 30 मार्च को देंगे परीक्षा
जिला उल्लास कोऑर्डिनेटर संजय कौशिक ने बताया कि जिले में 26 हजार निरीक्षकों की पहचान की गई थी, जिसमें से 15200 ने पिछली बार 22 सितंबर परीक्षा पास कर ली। 30 मार्च को जिला के 11000 नव साक्षर परीक्षा में बैठेंगे। बैठक में जिला गणित विशेषज्ञ विजय कुमार ने योजना के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी।