कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कुटा) चुनाव के तीन दिन ही शेष रह गए हैं। तारीख नजदीक आती देख प्रधान पद के दोनों प्रत्याशियों ने चुनावी प्रचार-प्रसार भी तेज कर दिया है। प्रधान पद के प्रत्याशी डॉ. विवेक गौड़ और प्रो. दलीप कुमार अपने-अपने चुनावी एजेंडों के साथ शिक्षकों को बीच जा रहे हैं। दोनों ही प्रत्याशी कुटा की चौधर हासिल करने दावा कर रहे हैं। हालांकि उप प्रधान, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित अन्य सभी पदों पर पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को सर्वसम्मति से चुना जा चुका है। अब 16 नवंबर को विश्वविद्यालय के शिक्षक क्लब में होने वाले चुनाव में विश्वविद्यालय के 342 शिक्षक मतदान करेंगे।
प्रधान पद के प्रत्याशी एवं पूर्व सचिव विवेक गौड़ ने कहा कि सरकार विश्वविद्यालयों की स्वायतता पर बार-बार हमला कर रही है। शिक्षक किसी भी स्थिति में इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। कुटा चुनाव में अगर उन्हें मौका मिलता है तो सभी शिक्षक साथियों के साथ मिलकर इसका पुरजोर विरोध करेंगे। उनके चुनावी एजेंडों में शिक्षकों को समय पर वेतन मिले। शिक्षकों की पदोन्नति और एरियर का लाभ, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने, शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष, विश्वविद्यालय में फाइव डे वीक लागू कराने, सेल्फ फाइनेंस शिक्षकों को बजटिड में कन्वर्ट कराने सहित अन्य मांगें शामिल हैं।
उधर, प्रधान पद के दूसरे प्रत्याशी प्रो. दिलीप कुमार ने कहा कि वह शिक्षकों एवं कुटा के सम्मान के लिए चुनाव में उतरे हैं। कहा कि शिक्षकों के मान-सम्मान व हितों का रक्षा करना, कुटा के प्रति शिक्षकों में अविश्वास को बढ़ाना, सेल्फ फाइनेंस शिक्षकों को पदोन्नति को तीव्र गति से कराना, शिक्षकों के बकाया एरियर जल्द जारी कराने, फाइव डे वीक लागू करना, केयू को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने, विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को बरकरार रखने, विश्वविद्यालय में सिंगल विंडो सिस्टम लागू कराना, ऑडिट प्रणाली को आसान बनाना, न्यू पेंशन स्कीम को ओल्ड पेंशन स्कीम में तब्दील कराने पर पुरजोर प्रयास किए जाएंगे।