कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कार्यकारिणी परिषद की सोमवार को हुई 259वीं बैठक में आईआईएचएस और आईआईटीआर के शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों को राहत दी गई है। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 31 मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान प्रशासन की ओर से आईआईएचएस (यूनिवर्सिटी कॉलेज) और आईआईटीआर के शिक्षकों और सहायक कुलसचिव और उप-कुलसचिव के पद पर प्रमोशन संबंधी गाइडलाइन को मंजूरी दी गई।
बता दें कि 4 जनवरी 2019 को यूनिवर्सिटी कॉलेज सहित बीएड कॉलेज को विभाग का दर्जा दिया गया था, तभी से इन विभागों के शिक्षकों की पदोन्नति लंबित थी। अब अन्य विभागों की तर्ज पर इन विभागों के शिक्षकों को भी प्रमोशन मिलेगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय में सहायक कुलसचिव और उप-कुलसचिव के पद पर प्रमोशन की गाइडलाइन को मंजूरी देकर थोड़ी राहत दी गई है। पहले जहां उप कुलसचिव के पद पर पदोन्नत होने के लिए सहायक कुलसचिव का पांच साल का अनुभव अनिवार्य था अब उससे घटाकर तीन साल और शैक्षणिक योग्यता में भी पीजी में 55 से घटाकर 50 प्रतिशत न्यूनतम अंक अनिवार्य कर दिए हैं। इसके अलावा कार्यकारिणी परिषद की बैठक के मिनट्स की पुष्टि की गई व उन निर्णयों पर क्या कार्रवाई हुई, उसके बारे में चर्चा की गई।
कार्यकारिणी परिषद ने यूआइइटी के निदेशक प्रो. सीसी त्रिपाठी के डीन फैकल्टी ऑफ इंजीनियर एंड टेक्नोलॉजी के पद के कार्यकाल को बढ़ाने की मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में अर्थशास्त्र विभाग के शिक्षक डॉ. अशोक कुमार और सोशल वर्क विभाग की शिक्षिका डॉ. वनिता ढींगरा को सीएएस के तहत प्रोफेसर पद पर पदोन्नति की अनुशंसा की गई।
वहीं पंजाबी विभाग के शिक्षक डॉ. कुलदीप सिंह को सीएस के तहत एसोसिएट प्रोफेसर पद पर पदोन्नत करने की अनुशंसा की गई। आईआईएचएस विभाग के शिक्षक डॉ. राकेश सूदन व प्राचीन इतिहास विभाग के शिक्षक डॉ. राजपाल को सीएएस के तहत प्रोफेसर पद पर पदोन्नत करने की मंजूरी भी दी गई। लोक संपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. दीपक राय बब्बर ने बताया कि कार्यकारिणी परिषद द्वारा इलेक्ट्रानिक्स साइंस विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुरेश कुमार को दीन बंधु छोटूराम साइंस एवं तकनीकी विश्वविद्यालय, मुरथल, सोनीपत का कुलसचिव बनाए जाने पर उनकी डेपुटेशन पर जाने की मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एलुमनी एसोसिएशन के लिए बनाए गए नए संविधान के बारे में भी चर्चा की गई। इस बैठक में केमिस्ट्री विभाग की प्रोफेसर डॉ. रंजना अग्रवाल के डेपुटेशन पीरियड को बढ़ाने की अनुशंसा की गई व कई विभागों के प्रमोशन व चयन कमेटियों के सदस्यों के पैनल को अनुमति प्रदान की गई। इसके अलावा भी कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। इस बैठक में कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा सहित विश्वविद्यालय कार्यकारिणी परिषद के सदस्य मौजूद रहे।