कुरुक्षेत्र। शिक्षा विभाग के फील्ड मिनिस्ट्रियल स्टाफ के कर्मचारी छह साल से ट्रांसफर ड्राइव शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। कई कर्मचारियों को अपने गृह जिलों से 250 से 300 किलोमीटर दूर नौकरी करनी पड़ रही है। गृह जिलों में पद रिक्त होने के बावजूद उनके ट्रांसफर नहीं किए जा रहे हैं।
इन समस्याओं सहित 10 सूत्री मांगों को लेकर हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा) की वार्ता तय हुई है। यह वार्ता 15 सितंबर को शिक्षा सदन पंचकूला में निदेशक सेकेंडरी के साथ होगी। हेमसा के प्रांतीय प्रधान संदीप सांगवान ने कहा कि विभाग की नीतियों से फील्ड कर्मचारियों की परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव शुरू करने की मांग की। सेवा नियमों में छूट देकर सहायक, आंकड़ा सहायक, उपाधीक्षक और अधीक्षक के पदों पर शीघ्र पदोन्नति की भी मांग की गई। संगठन ने समाधान न होने पर आंदोलन का एलान किया है। संगठन ने सीडी ब्लॉक के अनुसार बीईओ कार्यालय स्थापित करने की मांग की। उन्होंने वरिष्ठता सूची अपडेट करने और एसीपी, सीसीएल और मेडिकल बिलों की शक्तियां जिला स्तर पर देने को कहा। सभी जिलों में समान पद स्वीकृत करने की मांग भी रखी गई। वर्कलोड के अनुसार वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों, बीईओ, डीईईओ और डीईओ कार्यालयों में विभिन्न पद स्वीकृत करने की मांग भी शामिल है।
50 प्रतिशत पद रिक्त पड़े
हेमसा नेताओं ने कहा कि शिक्षा विभाग के फील्ड कार्यालयों में पदोन्नति के 50 प्रतिशत पद रिक्त पड़े हैं। पदोन्नति की फाइल शिक्षा सदन में लंबित है, जिसके चलते पात्र कर्मचारी उसी पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने नूंह-मोरनी में कार्यरत कर्मचारियों को 10 हजार रुपये विशेष भत्ता देने और चुनाव को छोड़कर अन्य कार्यों में ड्यूटी नहीं लगाने की मांग भी उठाई। उन्होंने चेतावनी दी कि 15 सितंबर की बैठक में मांगों और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो हेमसा वहीं से चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा करेगी।