कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम हॉल के मंच पर सोमवार से दक्षिण एशियाई कला, संस्कृृति, वेशभूषा व अनछुए पहलुओं का मंचन होगा। इस पांच दिवसीय सांस्कृृतिक महोत्सव में पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र की संस्कृृति के दर्शन होंगे और साथ ही इस क्षेत्र में आपसी प्यार, प्रेम व भाईचारे के संदेश के साथ यह उत्सव शुरू होगा। विश्वविद्यालय की ओर से कार्यक्रम की सभी पूरी हो चुकी हैं। रविवार को शाम तक करीब 180 कलाकार केयू पहुंच चुके हैं। ये जानकारी युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निदेशक प्रो. तेजेंद्र शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में दी।
उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पहली बार कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा के मार्ग दर्शन में दक्षिण एशियाई सांस्कृृतिक महोत्सव की मेजबानी करेगा। 13वें दक्षिण एशियाई महोत्सव के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद लेफ्टिनेंट जनरल डीपी वत्स होंगे व सांसद नायब सिंह सैनी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा करेंगे। उन्होंने बताया कि कई देशों की टीमें विश्वविद्यालय में पहुंच चुकी हैं। सभी टीमें सोमवार सुबह विश्वविद्यालय के खेल प्रांगण में एकत्रित होंगी, जहां से कुलपति सांस्कृृतिक यात्रा को हरी झंडी देंगे व इसके बाद विश्वविद्यालय के विभिन्न मार्गों से पैदल चलते हुए यह यात्रा ऑडिटोरियम हॉल पर संपन्न होगी। इस सांस्कृृतिक यात्रा में सभी देशों प्रतिनिधि अपने-अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
9 देशों और भारत के 29 विश्वविद्यालयों को दिया था निमंत्रण
उन्होंने कहा कि इस दक्षिण एशियाई अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में 9 देशों व देश के 29 विश्वविद्यालयों को निमंत्रण दिया गया था, जिनमें से भारत सहित 6 देश व 28 विश्वविद्यालयों के लगभग 600 प्रतिभागी इस महोत्सव में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में विभिन्न देशों के युवा व भारत के कोने-कोने से 28 विश्वविद्यालयों से पहुंचे प्रतिभागी पूरी दक्षिण एशियाई संस्कृृति को इस मंच पर प्रस्तुत करेंगे। महोत्सव का आकर्षण कला व संस्कृृति के साथ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हॉर्टिकल्चर विभाग की ओर से आयोजित होने वाला फ्लावर फेस्ट भी विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।
पर्यावरण संरक्षण पर रहेगा विशेष ध्यान
प्रो. तेजेंद्र शर्मा ने बताया कि 13वें दक्षिण एशियाई महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान होगा। उन्होंने बताया कि सांस्कृृतिक महोत्सव में नौ प्रतियोगिताओं में प्रस्तुतियां होंगी, जिसमें टीमें फॉक आरकेस्ट्रा, क्लासिकल डांस, फॉक कॉस्टयूम, माईम, फॉक ट्राईबल डांस, क्ले माडलिंग, डीबेट, पोस्टर मेकिंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि इस उत्सव का उद्देश्य इस क्षेत्र के युवाओं को एक दूसरे से जोड़ना है ताकि वे एक दूसरे को समझे और इस पूरे क्षेत्र में शांति व समृृद्धि फैले। सभी मेहमानों के रहने, खाने-पीने व कुरुक्षेत्र के आकर्षक स्थलों को दिखाने की पूरी व्यवस्था विद्यार्थियों को ही सौंपी गई है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय सांस्कृृतिक परिषद् के अध्यक्ष डॉ. हरि प्रकाश ने कहा कि इस महोत्सव का आयोजन पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। दर्शकों को उच्च स्तरीय प्रस्तुतियां मंच के माध्यम से देखने को मिलेंगी। उप-निदेशक डॉ. हितेंद्र त्यागी ने बताया कि विदेशो से व देश से आए सभी मेहमानों के रहने की व्यवस्था एनआईटी व विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल गेस्ट हाउस में रहेगी। मेहमानों की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
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टीम मित्र बनेंगे आपसी मित्रता के सूत्रधार
13वें दक्षिण एशियाई सांस्कृृतिक महोत्सव में आए युवाओं के बीच मित्रता बनें इसके लिए युवा सांस्कृृतिक कार्यक्रम विभाग ने टीम मित्रा बनाएं हैं जो प्रत्येक टीम के साथ रहेंगे। उनकी व्यवस्था देंखेंगे व एक दूसरे के साथ मित्रता के सूत्रधार भी बनेंगे।
लाइट एंड साउंड का होगा विशेष शो, ब्रह्मसरोवर पर होने वाली आरती में भी शामिल होंगे
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सहयोग से सभी मेहमानों के लिए ज्योतिसर में विशेष लाइट एंड साउंड शो होगा। इसके साथ ही ब्रह्मसरोवर में होने वाली सायंकालीन आरती में भी विदेशी मेहमान शामिल होंगे।
फॉक कॉस्ट्यूम का होगा विशेष मंचन
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मंच पर हो रहे दक्षिण एशियाई सांस्कृृतिक महोत्सव में विभिन्न देशों व भारत की विविध वेशभूषा की विशेष प्रस्तुतियां होंगी। भारत की विविधता व दक्षिण एशियाई संस्कृृति एक साथ एक मंच पर देखने को मिलेगी।
सुरक्षा पर रहेगी कड़ी नजर
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में पहुंच रहे कलाकारों को कोई परेशानी न हो इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से पूरे इंतजाम किए गए हैं। बिना प्रवेश पत्र के कोई एंट्री नहीं कर पाएगा। विश्वविद्यालय के सुरक्षा विभाग व पुलिस की ओर से इसके लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
ये देश लेंगे हिस्सा
दक्षिण एशियाई सांस्कृतिक महोत्सव में भारत के साथ अफगानिस्तान, भूटान, बांग्लादेश, नेपाल और मोरिशियस भाग ले रहे हैं। इसके साथ भारत के 28 विश्वविद्यालयों के कलाकार महोत्सव में पहुंचेंगे।