फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षा और संस्कार जिंदगी जीने के दो मूल मंत्र : डॉ. सचदेवा

विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान में कार्यशाला के तहत एकजुट वि​​भिन्न क्षेत्रो
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान में तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यशाला का समापन हुआ। इसमें संस्कृति बोध परियोजना प्रश्न पत्र और प्रश्न मंच के लिए प्रश्न संच का निर्माण किया गया। मध्य क्षेत्र के संयोजक अंबिका दत्त कुंडल और प्रबंधक सुधीर कुमार ने कार्यक्रम की शुरुआत कराई।
विज्ञापन

कार्यशाला में देशभर से आए लगभग 115 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने कुरुक्षेत्र में कार्य संपन्न होने पर सुखद अनुभूति साझा की। अध्यक्षा ममता सचदेवा ने सभी का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि तैयार प्रश्न संच विद्यार्थियों में जिज्ञासा, अध्ययनशीलता, संस्कार और राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करेगा। शिक्षा और संस्कार जिंदगी जीने के दो मूल मंत्र हैं। शिक्षा कभी झुकने नहीं देती और संस्कार कभी गिरने नहीं देते।
ममता सचदेवा ने बताया कि भारत की संस्कृति दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है। इसी कारण पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है ऐसे में हर नागरिक को गौरवशाली संस्कृति का बोध हो। इसी उद्देश्य से विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान देशभर में संस्कृति बोध परियोजना आयोजित करता है। प्रतिभागियों ने अखिल भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा और अखिल भारतीय संस्कृति महोत्सव के लिए प्रश्न संच बनाए। सह सचिव पंकज शर्मा, संस्कृति बोध परियोजना के संयोजक दुर्ग सिंह राजपुरोहित और कृष्ण कुमार भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें