संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास के उत्तरा भवन प्रांगण में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यातिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. डॉ. मंजुला चौधरी ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए बेटियों को ज्यादा से ज्यादा शिक्षित करने की जरूरत है, ताकि वे सशक्त होकर राष्ट्र, समाज व परिवार के विकास में योगदान दे सकें।
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश और समाज की प्रगति में अहम भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं के उत्थान एवं सशक्तीकरण के लिए युवाओं को जागरूक करना होगा एवं समाज में नए कदम उठाने होंगे, क्योंकि हमारे समाज का भविष्य युवा पीढ़ी पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश व समाज का सामाजिक व आर्थिक विकास तब तक संभव नहीं है, जब तक महिलाओं व पुरुष को बराबरी का अधिकार न मिले।
महिला छात्रावास की चीफ वार्डन प्रो. नीलम ढांडा ने कहा कि महिलाओं को समान रूप से कानून में अधिकार तो दिए गए हैं, लेकिन कहीं न कहीं पूर्ण रूप से समाज भी उन्हें समान अधिकार नहीं दे पाया है। वर्तमान समय में इस स्थिति को बदलने की जरूरत है, ताकि समाज का चहुंमुखी विकास हो सके। कहा कि हमें लड़कियों को आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता है तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए शिक्षा अत्यंत जरूरी है।
उत्तरा भवन की वार्डन डॉ. सुमन सिंह ने कहा कि महिलाएं शक्ति का प्रतीक है और लड़कियों को वीरांगनाएं बनने की भी जरूरत है। कार्यक्रम में सभी छात्रावास की वार्डनों ने शिरकत की। छात्राओं ने गायन, नृत्य और कविता पाठ के माध्यम से समाज को यह बताने का प्रयास किया कि आज की महिला पूर्ण रूप से हर क्षेत्र में कार्य करने में सक्षम है। इस अवसर पर डॉ. निरुपमा भट्टी, डॉ. जी पोनमनी, डॉ. कुसुम लता, डॉ. सुनीता दलाल, डॉ. सुशीला चौहान, डॉ. मीनाक्षी सुहाग, डॉ. मनीषा संधू, डॉ. मंजू नरवाल, प्रोमिला, अनीता चौधरी, शीला काला आदि मौजूद रहीं।